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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:28 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली हाई कोर्ट ने कृषि आय पर टैक्स लगाने की मांग वाली याचिका सुनने से किया इनकार

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
दिल्ली हाई कोर्ट ने कृषि आय पर टैक्स लगाने की मांग वाली याचिका सुनने से किया इनकार

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली में कृषि से होने वाली आय पर टैक्स लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि कोर्ट टैक्स नीति के मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है और ये सरकार का नीतिगत मामला है।कोर्ट ने कहा कि वो न्यायिक आदेश के जरिये सरकार को ये नहीं कह सकती है कि वो टैक्स पर किस किस्म का कानून बनाए, ये काम विधायिका का है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कई बार याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या कोर्ट इस तरह का आदेश पारित कर सकती है कि सरकार कानून बनाए।याचिका आकाश गोयल ने दायर की थी। याचिकाकर्ता की ओर से वकील कुमार उत्कर्ष ने कहा कि कृषि से होने वाली आय पर टैक्स भरने से छूट मिलती है जबकि कई लोगों की कृषि से होने वाली आय काफी ज्यादा होती है। ऐसा करने से वित्तीय असमानता पैदा होती है। याचिका में कहा गया था कि कृषि और गैर-कृषि आय का वर्गीकरण मनमाने तरीके से किया गया है।याचिका में कहा गया था कि सैलरी पाने वाले कर्मचारियों, व्यापारी और प्रोफेशनल्स टैक्स भरते हैं लेकिन महज कृषि आय घोषित कर देने से बड़ी आय वालों को भी टैक्स भरने से छूट मिल जाती है। याचिका में कहा गया था कि ऐसा संविधान के अनुच्छेद 14, 38 और 265 का उल्लंघन है। टैक्स में ऐसी छूट पक्षपातपूर्ण वर्गीकरण है और टैक्स भरने वालों के साथ पक्षपात है।

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