दिव्या मदेरणा ने जोधपुर ग्रामीण एसपी पर लगाया फर्जी एनकाउंटर और ड्रग डीलर को संरक्षण देने का आरोप
जोधपुर,। ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने जोधपुर ग्रामीण
एसपी धर्मेंद्र यादव पर फर्जी एनकाउंटर और ड्रग डीलर को संरक्षण देने का
आरोप लगाया। मदेरणा ने एसपी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। दिव्या ने
अलग-अलग सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए एसपी पर हमला बोला।
उन्होंने
सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि आजकल पिक्चर देखकर सुपर कॉप या सिंघम बनने की
होड़ मची हुई है। सोशल मीडिया में पुलिस अधिकारी हीरो बनने के चक्कर में
पब्लिक शेमिंग और पब्लिक हुमिलिएशन के हथकंडे अपनाते हैं। जबकि आम जनता या
पीड़ित को ये जानकारी ही नहीं होती है कि पुलिस कस्टडी में वीडियो बनाकर
जुर्म कबूल करवाना और उसे सोशल मीडिया पर डालना गैर कानूनी है।
दिव्या
ने 5 मई को जोधपुर के ओसियां थाना क्षेत्र में सिरमंडी टोल पर मारपीट के
मामले में गिरफ्तार आरोपित के वीडियो को लेकर पोस्ट किए। साथ ही, 9 मई को
खेड़ापा थाना क्षेत्र में युवकों को थाने ले जाकर मुंडन कराने के मामले में
एसपी का हाथ बताया।
पुलिस इसे फैशन समझ रही है
दिव्या मदेरणा
ने कहा- 9 मई को खेड़ापा इलाके के धनारी कलां में अवैध बजरी खनन चल रहा था।
इस मामले को लेकर ग्रामीण विरोध कर रहे थे। पुलिस ने खनन रुकवाने की कोई
कार्रवाई नहीं की। गुस्साए युवकों ने वहां अवैध खनन कर रहे लोगों की
गाड़ियों पर पथराव कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने 10 मई को ग्रामीणों को ही
थाने ले आई थी। इसके बाद मैंने थानाधिकारी लाखाराम से कहा कि आपको दोनों
पक्षों को हिरासत में लेना चाहिए था। इसी दिन मुझे एक वीडियो मिला, जिसमें
पुलिस युवकों का मुंडन कराने वाली थी। मैंने तुरंत रेंज आईजी विकास कुमार
से बात की तो उन्होंने आश्वासन दिलाया कि ये गलत है और ऐसा नहीं किया
जाएगा।
मदेरणा ने कहा कि ये तो आजकल पुलिस का फैशन बन चुका
है। लेकिन, ये न्याय संगत नहीं है। मामला क्रिमिनल्स से जुड़ा होता है तो
कोई कुछ कहता नहीं। जोधपुर ग्रामीण एसपी धर्मेंद्र यादव ने इसे ट्रेंड बना
लिया है।
आरोप लगाया- बदला लेने के लिए ऐसा करती है पुलिस
मदेरणा
ने आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीण एसपी के निर्देशों पर ही गिरफ्तार होने
वाले अपराधियों के वीडियो जारी कर सोशल मीडिया पर डाले जाते हैं। इसमें पैर
तोड़ना, पैर पर गोली मारना, उनके निर्देश से ही एक फर्जी एनकाउंटर भी हुआ
जो अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर सालभर पहले बायतु के ओमाराम जाट का
किया था।





