मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:22 · नई दिल्ली संस्करण

महाविकास आघाड़ी में सीटों के बंटवारे का विवाद खुलकर सामने आया, वंचित बहुजन आघाड़ी हुआ अलग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

वंचित बहुजन आघाड़ी ने लोकसभा चुनाव के लिए 9 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की

मुंबई। लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर महाविकास

आघाड़ी में मतभेद बढ़ गया है। शिवसेना के ठाकरे गुट और वंचित बहुजन आघाड़ी

ने बुधवार को लोकसभा चुनाव के लिए अलग-अलग उम्मीदवारों की सूची जारी कर

दी, जिससे सीटों के बंटवारे का विवाद खुलकर सामने आ गया है।

शिवसेना

के ठाकरे समूह ने बुधवार को सुबह 17 लोकसभा उम्मीदवारों की सूची की घोषणा

की। इसके बाद वंचित बहुजन अघाड़ी ने राज्य में लोकसभा के लिए 9 उम्मीदवारों

की पहली सूची जारी करके लोकसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने की घोषणा की

है। वंचित के अध्यक्ष प्रकाश अंबेडकर खुद अकोला से चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि वे अलग आघाड़ी बनाकर लोकसभा चुनाव का सामना

करेंगे और हर वर्ग के उम्मीदवारों को जिताने का प्रयास करेंगे। वंचित बहुजन

अघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर बीती रात मराठा नेता मनोज जारांगे से

मिले थे। साथ ही राज्य में ओबीसी बहुजन पार्टी के साथ मिलकर चुनाव मैदान

में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

इस बीच शिवसेना की ओर से अलग सूची

जारी करने का महाविकास आघाड़ी के सहयोगी दल कांग्रेस और शरद पवार की

राकांपा पर भी असर पड़ा है। कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने शिवसेना की सूची

पर ऐतराज जताते हुए कहा कि उत्तर पश्चिम मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) ने

दागी उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। पार्टी नेतृत्व को इस पर ध्यान देना

चाहिए। संजय निरुपम ने यहां तक कहा कि अगर दस दिनों के अंदर इस पर ध्यान

नहीं दिया गया तो वे अलग राह अपना सकते हैं।

कांग्रेस विधायक दल के

नेता बाला साहेब थोरात ने कहा कि आघाड़ी में सांगली और मुंबई के बारे में

अभी चर्चा हो रही थी, इसी दौरान शिवसेना ने इन सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर

दिए। यह आघाड़ी धर्म के विरुद्ध है, शिवसेना को इस पर ध्यान देना चाहिए।

इसी तरह राकांपा उत्तर पूर्व संसदीय सीट पर अपना उम्मीदवार उतारना चाहती थी

लेकिन शिवसेना (यूबीटी) ने इस सीट पर भी उम्मीदवार की घोषणा कर दी है।

इससे शरद पवार की राकांपा में तीव्र नाराजगी फैल गई है। चुनाव से पहले ही

महाविकास आघाड़ी के सहयोगी दलों में उभरी नाराजगी का असर चुनाव पर पड़ने की

जोरदार चर्चा होने लगी है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें