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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:23 · नई दिल्ली संस्करण

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में किया दर्शन पूजन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में किया दर्शन पूजन

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी प्रवास के दूसरे दिन शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन पूजन किया। उप मुख्यमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में बाबा के पावन ज्योर्तिलिंग की आराधना कर उनका अभिषेक किया। बाबा का विधिविधान से दर्शन पूजन कर किया। मंदिर में दर्शन पूजन कर लौट रहे उपमुख्यमंत्री को देख श्रद्धालुओं ने हर—हर महादेव का उद्घोष कर उनका स्वागत किया।कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर शुक्रवार शाम को शहर में आए उपमुख्यमंत्री ऐतिहासिक सारनाथ स्थित महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर के 93वें वार्षिकोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने बौद्ध अनुयायियों के साथ भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष का दर्शन किया। वहीं शाम को उन्होंने भगवान बुद्ध की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलित कर उनकी स्तुति की और आशीर्वाद प्राप्त किया। उपमुख्यमंत्री मौर्य का स्वागत बौद्ध भिक्षु सुमितानंद थेरो ने किया। इसके पहले छात्र छात्राओं द्वारा भगवान बुद्ध के सम्मान में शोभायात्रा निकाली गई और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। उपमुख्यमंत्री ने महाबोधि वृक्ष का दर्शन किया और कुटी विहार के बाहर दीपदान कार्यक्रम में भी भाग लिया।इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व के सबसे बड़े भू-भाग का सम्राट होने का गौरव अशोक महान को प्राप्त है। वे भी तथागत बुद्ध की शरण में आए और उन्होंने बौद्ध धर्म के प्रचार प्रसार के लिए अपने पुत्र-पुत्री तथा अन्य लोगों को दूसरे देशों में भेजा। उन्होंने कहा कि तथागत बुद्ध और अशोक के समय बोलचाल व प्रचार प्रसार की भाषा पाली थी। गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति बोध गया में हुई थी लेकिन उत्तर प्रदेश एक ऐसा प्रदेश है जहां पर उन्होंने अपना प्रथम उपदेश दिया। तथागत बुद्ध की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने किसी की आलोचना नहीं की। उपमुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित सभी बौद्ध धर्मावलंबियों को तथागत बुद्ध के उपदेशों और शिक्षाओं का व्यापक प्रचार प्रसार करने का अनुरोध किया।केशव प्रशाद माैर्य ने कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। हमारे प्रधानमंत्री ने दुनिया की सबसे बड़े संगठन संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन में कहा था कि 'भारत ने विश्व को युद्ध नहीं बुद्ध दिया है'। उन्होंने अपने भाषण में बौद्ध धर्म के स्थानों कुशीनगर, श्रावस्ती, संकिस्सा और कौशांबी का भी जिक्र किया और वहां के विकास कार्यों के बारे में भी बताया। इस दौरान रॉबर्ट्सगंज के विधायक अनिल मौर्य, महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष महेंद्र सिंह और जनरल सेक्रेटरी पी. सीवाली थेरो, विशिष्ट अतिथि ग्येबुल जीग्मे नोमचे, रमेश चंद्र नेगी सहित अन्य बौद्ध भिक्षु मौजूद रहे।

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