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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:53 · नई दिल्ली संस्करण

धरना-प्रदर्शन को लेकर दिशा-निर्देश जारी करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

नई दिल्ली। सड़क जाम कर होने वाले धरना-प्रदर्शन को लेकर दिशा-निर्देश जारी करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अब शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटाया जा चुका है इसलिए इस याचिका पर अब सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है। जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इस पर हम आदेश पारित करेंगे। सुनवाई के दौरान जब तुषार मेहता ने कहा कि अब लोगों को हटाया जा चुका है और इस याचिका पर सुनवाई की जरुरत नहीं है तब कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की राय पूछी। याचिकाकर्ता अमित सैनी ने याचिका वापस लेने से मना किया। कहा कि मसला अभी खत्म नहीं हुआ है। दूसरे याचिकाकर्ता ने कहा कि ये सुनिश्चित किया जाए कि इस तरह से सड़क न रोकी जाए। ऐसे विरोध जारी नहीं रह सकते। सड़कों को ब्लॉक करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद प्रदर्शन सौ दिनों के लिए चलते रहे। इस मामले में सुनवाई होनी चाहिए और दिशानिर्देश पास करना चाहिए।शाहीनबाग आंदोलनकारियों की ओर से वकील महमूद प्राचा ने कहा कि प्रदर्शन के लिए एक समान नीति होनी चाहिए। अगर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन हो रहा है तो इसके लिए दिशानिर्देश की जरुरत नहीं है। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन किसी दूसरे के अधिकार पर अतिक्रमण करके नहीं , लोकतांत्रिक व्यवस्था में संतुलन जरुरी है।

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