मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:50 · नई दिल्ली संस्करण

पुरानी पेंशन बहाली की मांग तेज, 28 जुलाई को डाक कर्मचारियों का प्रदर्शन

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
पुरानी पेंशन बहाली की मांग तेज, 28 जुलाई को डाक कर्मचारियों का प्रदर्शन

लखनऊ। भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर कर्मचारी विरोधी नीतियों, लक्ष्य आधारित उत्पीड़न, निजीकरण तथा विभागीय समस्याओं के विरोध में डाक कर्मचारी कार्यालय में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ का कहना है कि 27 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर काम होगा।

भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ के प्रान्तीय महामंत्री मिथिलेश शुक्ला ने हिन्दुस्थान समाचार से बताया कि कर्मचारियों का शोषण बंद करने व पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर डाक विभाग के कर्मचारी आन्दोलनरत हैं। जीपीओ में कार्यरत कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई को सभी मण्डलीय कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन होगा। इसके बाद डाक कर्मचारी 05 अगस्त को एक दिवसीए हड़ताल करेंगे।

मिथिलेश शुक्ला ने कहा कि यदि इसके बावजूद सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है तो 18 अगस्त 2026 से डाक विभाग के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ के प्रान्तीय महामंत्री मिथिलेश शुक्ला का कहना है कि डाक प्रशासन की हठधर्मिता तथा कर्मचारियों पर बढ़ते मानसिक एवं प्रशासनिक दबाव के कारण डाक विभाग के कर्मचारी आन्दोलन करने के लिए विवश हुए हैं।

उन्होंने कहा कि डाक कर्मचारियों का उनकी नियमित ड्यूटी के अतिरिक्त नये खाते खुलवाने तथा विभिन्न उत्पादों की बिक्री के लिए निरंतर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्येक माह कर्मचारियों को नये लक्ष्य दिये जा रहे हैं। जो कर्मचारी लक्ष्य पूरा नहीं कर पाते उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाती है। सबसे अधिक शोषण निचले स्तर के कर्मचारियों को झेलना पड़ रहा है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें