एफएसएस के तहत 1669 विद्यार्थियों को दी गई 1.20 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता: प्रो. योगेश सिंह
नई
दिल्ली, । दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद (ईसी) की
1270 वीं बैठक का आयोजन शनिवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश
सिंह की अध्यक्षता में हुआ।
विश्वविद्यालय के कान्वेंशन हाल में आयोजित इस बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और उन्हें पारित किया गया।
बैठक
में कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने विश्वविद्यालय का लेखा-जोखा प्रस्तुत
किया। कुलपति ने बताया कि वित्तीय सहायता योजना (एफएसएस) योजना के तहत 1669
विद्यार्थियों को एक करोड़, 20 लाख रुपए से अधिक की वित्तीय सहायता दी गई
है। कुलपति ने पेरिस ओलंपिक में डीयू के 9 विद्यार्थियों के भाग लेने पर
खुशी जताते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि
इनमें 70 प्रतिशत महिला खिलाड़ी हैं। बैठक के दौरान 12 कॉलेजों को लेकर गठित
कमेटी की रिपोर्ट को पटल पर रखा गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये 12
कॉलेज डीयू का अभिन्न अंग हैं।
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया
कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ने 2022
में वित्तीय सहायता योजना (एफएसएस) की घोषणा की थी। इस योजना के तहत
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए शुल्क माफी के माध्यम से वित्तीय
सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 1669 विद्यार्थियों को
12041638 रुपये सहायता दी गई है। इस योजना के तहत 4 लाख रुपए या उससे कम
वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए 100 प्रतिशत फीस माफी का
प्रावधान है; जबकि 4 लाख रुपए से अधिक और 8 लाख रुपए या इससे कम वार्षिक आय
वाले परिवारों के बच्चों के लिए 50 प्रतिशत फीस माफी का प्रावधान किया गया
है।
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के
विभिन्न कॉलेजों और विभागों में शैक्षणिक पदों पर अब तक कुल 6566
पदोन्नतियां की जा चुकी हैं। इनमें 6248 पदोन्नतियां कॉलेजों में हुई हैं
और 318 पदोन्नतियां विभागों में हुई हैं। नई नियुक्तियों के बारे में
जानकारी देते हुए कुलपति ने बताया कि विभिन्न कॉलेजों एवं विभागों में अब
तक 4619 स्थायी नियुक्तियां की जा चुकी हैं। इनमें 4536 असिस्टेंट
प्रोफेसर, 50 एसोसिएट प्रोफेसर, 16 प्रोफेसर और 17 प्रिंसिपल/ निदेशक
शामिल हैं। इनके अतिरिक्त गैर अकादमिक पदों पर 7 डिप्टी लाइब्रेरियनों की
भी नियुक्तियां की गई हैं।
शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए प्रवेश
संबंधी जानकारी देते हुए कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि स्नातकोत्तर
(पीजी), बीटेक और पांच वर्षीय बीएएलएलबी एवं बीबीएएलएलबी में प्रवेश
प्रक्रिया चल रही है। तीनों कार्यक्रमों में प्रवेश के तीन दौर पूरे हो
चुके हैं। पीजी में, तीन दौर में 13000 में से लगभग 11000 सीटें भरी गई
हैं। पहले स्पॉट राउंड में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। यानि तीन दौर में
लगभग 90 प्रतिशत सीटें भरी जा चुकी हैं। पांच वर्षीय एकीकृत लॉ प्रोग्रामों
में 120 में से 95 सीटें भरी जा चुकी हैं। शेष के लिए स्पॉट राउंड
प्रक्रिया जारी है। बीटेक में लगभग 200 उम्मीदवारों ने प्रवेश ले लिया है,
चौथी सूची जारी होने वाली है।





