मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:40 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली दंगा: कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली दंगा: कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की

नई दिल्ली। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगा 2020 मामले में तीन आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। इन आरोपियों में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत तीन लोग शामिल हैं। ताहिर के अलावा अन्य दो लोगों के नाम सलीम मलिक और अथर खान हैं। अदालत ने इस मामले को गंभीर बताते हुए आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया। दिल्ली दंगे मामले की यह सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी की कोर्ट में चल रही थी।

दरअसल, तीनों आरोपियों ने सर्वोच्च न्यायालय में इसी मामले में पांच अन्य को जमानत दिए जाने के बाद समानता के आधार पर जमानत की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। इन तीनों आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा दर्ज है।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी को दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया था, जबकि 5 अन्य आरोपियों को 12 शर्तों के साथ जमानत दे दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि उमर और शरजील एक साल तक इस मामले में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते।

यह फैसला जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच ने सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर को आरोपियों और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अन्य आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान, और शादाब अहमद के निरंतर कारावास को आवश्यक नहीं माना और उनकी जमानत मंजूर कर ली।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर एक साल में गवाही पूरी नहीं होती तो आरोपी दोबारा जमानत याचिका निचली अदालत में दाखिल कर सकते।

बता दें कि इससे पहले उमर खालिद की बहन के निकाह के लिए कड़कड़डूमा कोर्ट ने खालिद को 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक की अंतरिम जमानत मंजूर की थी।

अदालत ने अंतरिम रिहाई के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लागू की थीं, जिनमें उमर खालिद सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेंगे, किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे, और केवल परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों से ही मिल सकेंगे। इसके अलावा, उन्हें 29 दिसंबर की शाम तक सरेंडर करना था।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें