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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:06 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली पुलिस ने तीन बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली पुलिस ने तीन बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम जिले की ऑपरेशन सेल टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान झलक पाल (25), मो. नुरुल अब्सर उर्फ अब्सर (40) और मो. अजीजुल हक उर्फ हक (21) के रूप में हुई है।

पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए एफआरआरओ (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय), नई दिल्ली की मदद से इन्हें वापस भेजने (डिपोर्टेशन) की कार्रवाई शुरू कर दी है।

अवैध और ओवरस्टे कर रहे विदेशी प्रवासियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश पर दक्षिण-पश्चिम जिले की ऑपरेशन सेल ने विशेष टीम गठित की। इस टीम में एएसआई वेद प्रकाश, एचसी सुंदर, एचसी दीपक, कांस्टेबल फरहान, कांस्टेबल मोहित और महिला कांस्टेबल सोमता शामिल थे।

टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर गजेन्द्र सिंह कर रहे थे। यह पूरी कार्रवाई एसीपी विजयपाल सिंह तोमर के निर्देशन में हुई।

दरअसल, एचसी सुंदर को गुप्त सूचना मिली थी कि आरके पुरम इलाके में कुछ बांग्लादेशी प्रवासी घूम रहे हैं। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर उनसे पूछताछ की। जब वे कोई वैध पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके, तो गहन पूछताछ में उन्होंने स्वयं को अवैध बांग्लादेशी प्रवासी माना।

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि ये सभी प्रवासी 2025 में वीजा पर भारत आए थे लेकिन वीजा की अवधि पूरी होने के बाद वापस नहीं लौटे।

इन सभी ने स्वीकार किया कि वे पुर्तगाल जैसे यूरोपीय देशों में जाने का प्रयास कर रहे थे, मगर वीजा न मिलने पर दक्षिण दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रहना शुरू कर दिया। गिरफ्तारी के दिन वे काम की तलाश में दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में घूम रहे थे।

पुलिस ने इनके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट खंगाले। संपर्क साधकर उनके परिवारजनों से बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट की कॉपियां प्राप्त कीं। दस्तावेजों की पुष्टि के बाद सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और एफआरआरओ की मदद से इन्हें देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने बताया कि यह सफलता उनकी जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है। अवैध प्रवासियों और विदेशी नागरिकों के ओवरस्टे पर निगरानी और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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