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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:34 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली हाईकोर्ट ने 'आप' नेता गोपाल राय को जारी किया अवमानना नोटिस

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'आप' नेता गोपाल राय को जारी किया अवमानना नोटिस

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता गोपाल राय और खोजी पत्रकार सौरव दास को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस एक आपराधिक अवमानना याचिका के तहत जारी किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसे आपत्तिजनक और अवमाननापूर्ण सामग्री प्रसारित की, जो न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा के खिलाफ थी। यह मामला कथित आबकारी नीति केस से जुड़ा बताया जा रहा है।

अशोक चैतन्य की ओर से दायर याचिका में आप के राष्ट्रीय संयोजक व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ भी अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई थी।

हालांकि, न्यायमूर्ति नवीन चावला और रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने कहा कि केजरीवाल और सौरभ भारद्वाज को पहले ही उच्च न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञान अवमानना कार्यवाही में नोटिस जारी किया जा चुका है।

अदालत ने दोनों मामलों को एक साथ सुनने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई 4 अगस्त के लिए तय की। साथ ही, नए पक्षकारों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया गया और सोशल मीडिया सामग्री को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए।

अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजदीपा बेहुरा को अमीक्स क्यूरी नियुक्त करते हुए उन्हें सभी संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि जब अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों को आबकारी नीति भ्रष्टाचार मामले में ट्रायल कोर्ट से राहत मिली, तो सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की, जो न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा के समक्ष सूचीबद्ध हुई।

इसके बाद आरोप है कि न्यायमूर्ति शर्मा से मामले को हटाने और उन्हें सुनवाई से अलग करने की कोशिशों के दौरान सोशल मीडिया पर “समन्वित अभियान” चलाया गया, जिसमें न्यायाधीश पर पक्षपात और हितों के टकराव जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।

अदालत ने पहले के आदेशों में कहा था कि न्यायपालिका को बदनाम करने के लिए चलाए गए ऐसे अभियान न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने और संस्था की गरिमा को प्रभावित करने का प्रयास हैं, जबकि आलोचना की एक सीमित सीमा स्वीकार्य है।

बाद में न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने स्वयं इस मामले से खुद को अलग कर लिया और मामला दूसरी बेंच को सौंप दिया गया।

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