मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:29 · नई दिल्ली संस्करण

कुलदीप सिंह सेंगर को दस साल की कैद की सजा को निलंबित करने से हाई कोर्ट का इनकार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई

दिल्ली, । दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के

पिता की हिरासत में मौत के मामले में भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह

सेंगर को ट्रायल कोर्ट से मिली दस साल की कैद की सजा को निलंबित करने की

मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच

ने कुलदीप सेंगर की याचिका खारिज करने का आदेश दिया।

सेंगर ने

याचिका दायर कर कहा था कि दस साल कैद की सजा में उसने करीब छह साल की कैद

की सजा पूरी कर ली है। याचिका में कहा गया था कि अभियोजन का केस केवल

परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित है। हाई कोर्ट ने कहा कि एक बाद जब कोई

आरोपित दोषी करार दिया जाता है तो निर्दोष होने का अनुमान खत्म हो जाता है।

हाई कोर्ट ने कहा कि सजा को निलंबित करने पर विचार करते समय दोषी की घटना

में उसकी भूमिका और अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखा जाता है।

सेंगर

ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है जो अभी लंबित है।

उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर 2019 को तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता

के पिता की हिरासत में हत्या के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को दस साल की

कैद की सजा सुनाई थी। तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर पर दस लाख रुपये का

जुर्माना भी लगाया था। तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर समेत सभी सातों आरोपितों

को भी दस-दस साल की कैद और दस-दस लाख के जुर्माने की सजा सुनाई थी।

दुष्कर्म

पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में 9 अप्रैल 2018 को मौत हो गई थी। 4

जून 2017 को दुष्कर्म पीड़िता ने जब कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप

लगाया था, उसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह और उसके साथियों ने

पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया था।

दुष्कर्म पीड़िता के पिता को जेल में शिफ्ट करने के कुछ ही घंटों बाद जिला

अस्पताल में लड़की के पिता की मौत हो गई थी।

20 दिसंबर 2019 को

पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद की

सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उम्रकैद के अलावा 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

था। जुर्माने की इस रकम में से 10 लाख रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया

था। तीस हजारी कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ भी कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली

हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें