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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:38 · नई दिल्ली संस्करण

उन्नीस दिन के नवजात का टंकी में मिला शव, ग्रामीण धरने पर बैठे, समझाइश पर माने

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
उन्नीस दिन के नवजात का टंकी में मिला शव, ग्रामीण धरने पर बैठे, समझाइश पर माने

जयपुर। नीमकाथाना में घर के बाहर रखी पानी की टंकी में 19 दिन के नवजात बच्चे का शव मिला है। बच्चा घर में अपनी दादी के पास सो रहा था। देर रात दादी की नींद खुली तो बच्चा नहीं मिला। परिवार ने तलाश की तो टंकी में मिला। मामले की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया है। ग्रामीण बुधधार सुबह हॉस्पिटल में इक्ट्ठा हो गए। उन्होंने हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की और सड़क पर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने ग्रामीणों से समझाइश की। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाने और मामले में जल्द कार्रवाई करने की बात कहीं। जिसके बाद ग्रामीणों ने धरना हटाया।डाबला थानाधिकारी राजवीर सिंह ने बताया कि पाटन के रहने वाले कृष्ण कुमार के बेटे का शव मिलने की सूचना मंगलवार रात 2:35 पर मिली थी। मौके पर जाकर शव को जीलो हॉस्पिटल लेकर गए। परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज करवाया है। बच्चे के पिता रतनगढ़ में फायर बिग्रेड में नौकरी करते है। वह रात को ड्यूटी पर था। परिवार की जानकारी पर वे घर पहुंचे। घटना के समय घर में बच्चे के दादा पचनाराम, दादी मेवा देवी, मां सरोज देवी, ताऊ नाथ सैनी और दो बुआ पिंकी व आशा थे। बच्चे के दादा खेती करते है। बच्चे की बुआ पिंकी ने बताया कि शादी के आठ साल बाद भाई कृष्ण कुमार और भाभी सरोज देवी के बच्चा हुआ था। भाभी की सिजेरियन डिलेवरी 4 अक्टूबर को हुई थी। मंगलवार रात 10 बजे मेरी मां मेवा देवी, पिता पचनाराम, बहन आशा खाना खाकर सो गए थे।उन्हाेंने बताया कि भाभी के साथ कमरे में मेरी मां मेवा देवी सो रही थी। बच्चा मेरी मां के पास था। रात करीब 12 बजे मां की आंख खुली, उन्होंने देखा तो बच्चा नहीं था। मां के शोर मचाने पर सभी जागे। घर के कमरों, छत और बाहर देखा लेकिन भतीजा नहीं मिला। उसने मंगलवार शाम को घर के बाहर रखी प्लास्टिक की पानी की टंकी भरकर ढक्कन लगाया था। बच्चे को ढूंढते हुए ढक्कन खुला मिला। उसे बंद करने गई। अंदर झांकने पर भतीजा दिखाई दिया। भतीजे को देखते ही मेरी चीख निकल गई। आवाज सुनकर परिवार के लोग बाहर आए और टंकी को खाली कर बच्चे को बाहर निकाला।

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