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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:17 · नई दिल्ली संस्करण

ट्रैफिक पुलिस को ब्लैकमेल करने वाला गिरोह बेनकाब, महिला सरगना समेत तीन गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ट्रैफिक पुलिस को ब्लैकमेल करने वाला गिरोह बेनकाब, महिला सरगना समेत तीन गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (एआरएससी) ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को फर्जी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले एक और गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में महिला सरगना समेत अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपित की पहचान समालखा, हरियाणा निवासी 32 वर्षीय महिला (सरगना), सचिन (35) और सुल्तानपुरी निवासी आमिर उर्फ सिकंदर के रूप में हुई है। आमिर उगाही के लिए फोन करता था। जबकि सचिन वीडियो एडिट करता था।पुलिस ने आरोपितों के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया हैं। पुलिस उपायुक्त के अनुसार क्राइम ब्रांच थाने में 19 जनवरी 2026 को एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एक फर्जी और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे 1.20 लाख रुपये वसूले गए। पुलिस शिकायतकर्ता के बयान पर संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस उपायुक्त के अनुसार 10 फरवरी को पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया।ऐसे चलता था ब्लैकमेल का खेलजांच में सामने आया कि हरियाणा के समालखा निवासी 32 वर्षीय महिला इस गिरोह की मास्टरमाइंड है। वह अपने साथियों के साथ दिल्ली आकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की चालान कार्रवाई के दौरान छिपे कैमरों से वीडियो रिकॉर्ड करती थी। इन वीडियो को गिरोह का सदस्य सचिन एडिट कर इस तरह से तोड़-मरोड़ देता था कि देखने में पुलिसकर्मी की गलती प्रतीत हो। इसके बाद आरोपित आमिर उर्फ सिकंदर पुलिसकर्मियों को फोन कर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और झूठी शिकायत दर्ज कराने की धमकी देता था। वीडियो हटाने के बदले पैसे की मांग की जाती थी। जो लोग पैसे देने से इनकार करते, उन्हें बार-बार परेशान किया जाता और झूठी शिकायतें दर्ज कराई जातीं। रकम मिलने के बाद ही शिकायत वापस ली जाती थी।पहले भी चल चुका है ऐसा गिरोहपूछताछ में खुलासा हुआ कि महिला पहले रोहिणी निवासी अशोक कुमार उर्फ बबली नामक व्यक्ति के गिरोह से जुड़ी थी। दिसंबर 2025 में उसकी मौत के बाद उसने अपना अलग गिरोह बना लिया। वहीं आमिर पहले भी इसी तरह के एक अन्य गिरोह से जुड़े मामले में गिरफ्तार हो चुका है।

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