मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:03 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली-पंजाब में मोबाइल टावर उपकरण की चोरी में वांछित आरोपित गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
दिल्ली-पंजाब में मोबाइल टावर उपकरण की चोरी में वांछित आरोपित गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) की टीम ने एक अंतरराज्यीय शातिर अपराधी शावेज़ अहमद उर्फ प्रिंस उर्फ प्रिंस मलिक (27) को गिरफ्तार कर एक बड़े मोबाइल टावर उपकरण चोरी रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक चोरी किया हुआ रिमाेट, रेडियाे, 4 लाख रुपये नकद और चोरी में प्रयुक्त कार बरामद की है।क्राइम ब्रांच के डीसीपी विक्रम सिंह के अनुसार तकनीकी इनपुट्स और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपित की पहचान और लोकेशन ट्रेस की। डीसीपी के अनुसार पुलिस टीम ने तीन दिन तक पंजाब और उप्र में सघन अभियान चलाकर आखिरकार दिल्ली-हरिद्वार हाईवे स्थित खतौली, मुजफ्फरनगर से आरोपित को दबोचा।जांच में पता चला है कि पकड़ा गया आरोपित शावेज़ अहमद, मूल रूप से बाबा दीप सिंह कॉलोनी राजपुरा (पंजाब) का निवासी है। वह अक्सर अपना नाम और पता बदलकर दिल्ली, मेरठ और उप्र में ठिकाने बदलता रहता था। उसने “प्रिंस मलिक” के नाम से फर्जी पहचान बनाकर कई ठिकानों से चोरी किए गए मोबाइल कम्युनिकेशन उपकरण की आपूर्ति की थी।पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसने केवल 8वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और शुरू में जूते की दुकान में काम करता था। इसके बाद स्क्रैप डीलर बनकर उसने मोबाइल टावर मशीनरी चोरी का धंधा शुरू किया क्योंकि इसमें कम मेहनत में ज़्यादा मुनाफा नजर आया।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें