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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:49 · नई दिल्ली संस्करण

बीरभूम में टुलु मंडल पर शिकंजा, प्रबंधक गिरफ्तार; जांच में नए खुलासे

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बीरभूम में टुलु मंडल पर शिकंजा, प्रबंधक गिरफ्तार; जांच में नए खुलासे

कोलकाता।पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पत्थर कारोबारी टुलु मंडल से जुड़े मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। रविवार देर रात चलाए गए अभियान में टुलु मंडल के प्रबंधक सीतेश प्रमाणिक को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे सोमवार को सिउड़ी न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस उससे गहन पूछताछ के लिए न्यायालय से पुलिस हिरासत की मांग कर सकती है।

सीतेश प्रमाणिक टुलु मंडल के पत्थर कारोबार का प्रबंधक था। गुप्त सूचना के आधार पर बीरभूम जिला पुलिस ने रविवार रात विशेष अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार किया।

सूत्रों के अनुसार, बीरभूम के मोहम्मदबाजार थाना क्षेत्र के देउचा गांव में टुलु मंडल के रिश्तेदार मीनार मंडल के घर से साढ़े 28 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद होने के बाद से ही पुलिस सीतेश की तलाश में जुटी थी। बरामदगी के समय मीनार मंडल को भी गिरफ्तार कर लिया गया था।

इस मामले में इससे पहले गत शनिवार को टुलु मंडल के एक अन्य रिश्तेदार शेख वासिम को सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वह नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने उसे उसी दौरान दबोच लिया। वासिम टुलु मंडल का भांजा बताया जाता है। सीतेश प्रमाणिक की गिरफ्तारी इस मामले में तीसरी गिरफ्तारी है।

करोड़ों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में सोना बरामद होने के बावजूद टुलु मंडल अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। सूत्रों के अनुसार, वह बीरभूम के नेता अनुव्रत मंडल का करीबी माना जाता है। हालांकि चार मई को विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद से वह फरार है और अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

पुलिस पूछताछ में मीनार मंडल ने दावा किया है कि टुलु मंडल अपनी संपत्तियों की देखरेख की जिम्मेदारी उसे सौंपकर गया था। हालांकि वह कहां गया है, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकदी और सोने का स्रोत क्या है। जांच में यह भी खंगाला जा रहा है कि टुलु मंडल के पत्थर कारोबार में किसी प्रकार की अनियमितता थी या नहीं, क्या सरकारी राजस्व की चोरी कर यह अकूत संपत्ति अर्जित की गई, अथवा इसके पीछे लोगों को धमकाकर धन उगाही या जबरन जमीन कब्जाने जैसे अपराध जुड़े हुए हैं।

मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने टुलु मंडल के कई बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है। अब तक नकद राशि और विभिन्न बैंक खातों सहित 186 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता चल चुका है। पुलिस का मानना है कि सीतेश प्रमाणिक से पूछताछ में इस पूरे मामले से जुड़े कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

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