मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:50 · नई दिल्ली संस्करण

खाद की कालाबाजारी पर शिकंजा, कलबुर्गी में 1400 बोरी यूरिया जब्त

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
खाद की कालाबाजारी पर शिकंजा, कलबुर्गी में 1400 बोरी यूरिया जब्त

कलबुर्गी। कर्नाटक के कलबुर्गी में किसानों की खाद की कालाबाजारी करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। अधिकारियों ने कापनूर इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर 1400 बोरी यूरिया जब्त की है, जिसे कथित तौर पर ब्लैक में दोगुने दाम पर बेचने के लिए जमा किया गया था।

जानकारी मिलने के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों, तहसीलदार और पुलिस की टीम ने गोदाम का निरीक्षण किया।

मौके से भारी मात्रा में स्टॉक जब्त कर गोदाम संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

इस मामले में कृषि विभाग की सतर्कता शाखा की सहायक निदेशक कविता ने आईएएनएस से बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि यहां अवैध रूप से खाद जमा की गई है। इसमें सब्सिडी वाली यूरिया की बोरियां शामिल हैं।

कविता ने कहा, "हमें शिकायत मिली थी कि यहां कुछ अवैध खाद जमा है, जिसमें सब्सिडी वाली यूरिया की बोरियां भी हैं।

हमें यह भी बताया गया था कि कुछ बोरियों पर सब्सिडी का निशान नहीं है और यूरिया को पूरी तरह से सफेद बोरियों में भरा जा रहा है। इसलिए हम यहां आए और यहां सब्सिडी वाली यूरिया की बड़ी मात्रा मिली, 1,000 से ज्यादा, लगभग 1,400 बोरी, हालांकि अभी सटीक गिनती पूरी नहीं हुई है।"

उन्होंने बताया कि गोदाम में तीन-चार कंपनियों की बोरियां दिख रही हैं। ऐसा लग रहा है कि सब्सिडी वाली यूरिया को इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए यहां रीपैकिंग किया जा रहा था। क्योंकि यहां जो सफेद बैग दिख रहे हैं, उन पर टेक्निकल ग्रेड यूरिया लिखा है, जो सिर्फ इंडस्ट्री में इस्तेमाल होता है।

कविता ने कहा, "मेरी जानकारी से इस गोदाम को लाइसेंस नहीं दिया गया है। यहां पर कोई नाम भी नहीं है कि कौन सा गोदाम है और कौन सी खाद है। जो यूरिया किसानों को दी जानी चाहिए, उसकी यहां इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए रीपैकिंग हो रही थी।" प्रशासन ने गोदाम को सील कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें