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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:37 · नई दिल्ली संस्करण

दिलीप घोष के बयान पर भड़की माकपा, ‘कॉकरोच-खटमल’ को लेकर पलटवार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिलीप घोष के बयान पर भड़की माकपा, ‘कॉकरोच-खटमल’ को लेकर पलटवार

कोलकाता। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ता शेख अब्दुल हाफिज के पिता शेख मोहम्मद माफिक की कथित पिटाई से हुई मौत के मामले को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सोमवार को सीजेपी के प्रतिनिधियों के साथ सीपीआईएम के युवा नेता शतरूप घोष, मयुख विश्वास और देवांजन दे भी बांकुड़ा के इंदास स्थित हाफिज के घर पहुंचे। इस घटनाक्रम को लेकर भाजपा ने सीजेपी और सीपीआईएम के बीच संबंध होने का आरोप लगाया है।

राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने मंगलवार को सीपीआईएम पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि रातों रात ककरोच कहां से निकल आते हैं? कम्युनिस्टों के दिमाग में ऐसी बातें आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कम्युनिस्ट ही कॉकरोच और खटमल पैदा करते हैं और पूरी दुनिया में उपद्रव करते हैं। दिलीप ने कहा कि इन्हीं के सहारे समाज विरोधी और राष्ट्र विरोधी तत्व आंदोलन के नाम पर समाज में अशांति पैदा करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस तरह का उपद्रव नहीं होने देगी।

इसी बीच मंगलवार को सीजेपी ने भारत सभा भवन में संगठनात्मक बैठक करने की योजना बनाई थी। आरोप है कि अंतिम समय में सभागार की बुकिंग रद्द कर दी गई। इसके बाद छह अन्य सभागारों से संपर्क किया गया, लेकिन वहां भी बैठक नहीं हो सकी। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि भाजपा के स्थानीय नेतृत्व के दबाव के कारण भारत सभा भवन में बैठक की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि कोलकाता प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन प्रस्तावित था, लेकिन वहां भी बिजली चली गई।

भाजपा ने बैठक रद्द होने में किसी भी भूमिका से इनकार किया है। दिलीप घोष ने सीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा कि दिल्ली में ऐसे प्रयोग देखे जा चुके हैं और वहां आंदोलन करने वालों को इसका परिणाम भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार सतर्क है और किसी को भी अशांति या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

दिलीप घोष के बयान पर सीपीआईएम नेता शतरूप घोष ने पलटवार करते हुए कहा कि जिन्हें दिलीप घोष आरशोला (कॉकरोच) और छारपोका (खटमल) कह रहे हैं, उनके दबाव में दिल्ली में मोदी-शाह को अपने मंत्री को हटाना पड़ा था। उन्होंने दिलीप घोष को बतौर मंत्री अपने काम पर ध्यान देने की सलाह दी।

आशुतोष रांका ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले किसी को पाकिस्तानी और फिर राष्ट्र विरोधी, शहरी नक्सल जैसे शब्दों से संबोधित करना भाजपा की पुरानी रणनीति है। उन्होंने कहा कि यह रणनीति अब नहीं चल रही है। सीजेपी ने अब्दुल हाफिज के परिवार के लिए चार सूत्री मांगें भी रखी हैं।

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