Delhi Crime: '10 करोड़ दो वरना पूरा परिवार खत्म...', साहिल लूथरा को धमकी देने वाले आरोपी को मिली को बेल

New Delhi: साहिल लूथरा से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने की साजिश के आरोपी गुरपिंदर सिंह को पटियाला हाउस कोर्ट ने ज़मानत दे दिया है। साहिल लूथरा का आरोप था कि उन्हें अगस्त-सितंबर 2025 और फिर जून 2026 में धमकी भरे कॉल और मैसेज मिले थे। बता दें, साहिल लूथरा 'विज्ञान त्रिशूल डिफेंस सॉल्यूशन (VTDS) प्राइवेट लिमिटेड' के फाउंडर हैं।
पटियाला हाउस कोर्ट ने डिफेंस कारोबारी साहिल लूथरा से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने की साजिश के आरोपी गुरपिंदर सिंह को जमानत दे दी है। इसके साथ ही अदालत ने उसे 50 हजार रुपए के जमानत बॉन्ड और इतनी ही राशि के एक जमानतदार की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने जमानत देते हुए कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है, जिस वजह से आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की फिलहाल आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी गुरपिंदर सिंह पहली बार अपराध करने वाला व्यक्ति है और उसका पिछला रिकॉर्ड साफ़-सुथरा है।
इसके साथ ही यह भी कहा गया कि आरोपी आदतन अपराधी नहीं है। बता दें कि JMFC ने 17 अगस्त को आदेश दिया, "इसलिए, आरोपी को 50,000 रुपये के ज़मानत बॉन्ड और उतनी ही रकम की एक ज़मानत जमा करने की शर्त पर ज़मानत दी जाती है।"कोर्ट ने ज़मानत देते हुए कुछ सामान्य शर्तें भी लगाई हैं।आरोपी के वकील भानु मल्होत्रा ने दलील दी कि शिकायतकर्ता ने यह मामला झूठा दर्ज कराया था क्योंकि वह आसन्न खतरे का बहाना बनाकर सरकार से मिलने वाली अपनी सुरक्षा का स्तर बढ़ाना चाहता था।
बताते चले कि कारोबारी साहिल लूथरा ने शिकायत दर्ज़ की थी कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्स ऐप पर धमकियां भेजकर 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी, और ऐसा न करने पर भेजने वाले ने शिकायतकर्ता के पूरे परिवार को "खत्म" करने की धमकी दी थी। इस शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए गुरपिंदर सिंह समेत तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
बता दें कि क्राइम ब्रांच ने 13 जून को पंजाब के अमृतसर और तरनतारन से जसवंत सिंह, गुरपिंदर सिंह और शमशेर सिंह को गिरफ़्तार किया। हालांकि अदालत के आदेश के बाद अब गुरपिंदर को निर्धारित शर्तों पर रिहा किया जाएगा। क़ानूनी जांच के दौरान पता चला कि शमशेर सिंह, गुरपिंदर सिंह और जसवंत कथित तौर पर रंगदारी वसूलने की साज़िश में शामिल थे। इनमें से एक आरोपी जसवंत पहले पंजाब पुलिस में काम करता था और शिकायतकर्ता विभाग का कर्मचारी भी रह चुका था।





