केजरीवाल और आतिशी के खिलाफ आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई 23 जुुलाई को
नई
दिल्ली,। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने भाजपा नेता
प्रवीण शंकर कपूर की ओर से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और
मंत्री आतिशी मार्लेना के खिलाफ दाखिल आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई टाल
दी है। एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट तान्या बामनियाल ने मामले की
अगली सुनवाई 23 जुलाई को करने का आदेश दिया।
आज सुनवाई के दौरान
आतिशी मार्लेना कोर्ट नहीं पहुंची थीं। कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि
आतिशी के खिलाफ जो समन जारी किया गया था, उसमें उनका पता गलत था। हालांकि
सुनवाई के दौरान आतिशी की ओर से वकील पेश हुए, जिन्हें शिकायत की प्रति
उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया।
उल्लेखनीय है कि 28 मई को
कोर्ट ने प्रवीण शंकर कपूर की मानहानि याचिका पर संज्ञान लिया था। कोर्ट ने
इस मामले में अभी अरविंद केजरीवाल के खिलाफ संज्ञान नहीं लिया है।
याचिका
में प्रवीण शंकर कपूर की ओर से कहा गया है कि केजरीवाल और आतिशी ने भाजपा
नेताओं पर झूठा आरोप लगाया कि वे करोड़ों रुपये लेकर भाजपा में शामिल हो
जाएं जबकि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
16 मई को प्रवीण शंकर
कपूर के बयान दर्ज किए गए थे। प्रवीण शंकर कपूर ने मानहानि याचिका दायर कर
आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी ने झूठा और मनगढ़ंत आरोप लगाया है कि
भाजपा उनके नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने का दबाव बना रही है।
प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आम आदमी पार्टी के इस दावे में कोई सच्चाई नहीं
है और न ही कोई साक्ष्य पेश किया गया है। याचिका में कहा गया है कि आम
आदमी पार्टी यह आरोप लगाकर दिल्ली आबकारी घोटाला मामले से ध्यान भटकाना
चाहती है।
प्रवीण शंकर कपूर ने 27 जनवरी के अरविंद केजरीवाल
के ट्विटर पर किए गए पोस्ट और आतिशी मार्लेना के 2 अप्रैल की प्रेस
कांफ्रेंस का जिक्र किया है। केजरीवाल के ट्वीट में आरोप लगाया गया है कि
भाजपा ने 7 आम आदमी पार्टी विधायकों से संपर्क किया था। ट्वीट में कहा गया
था कि भाजपा ने 25 करोड़ रुपये का ऑफर किया था ताकि दिल्ली की सरकार गिराई
जा सके। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में जैसे ही
आतिशी का नाम आया तब से ही उन्होंने भाजपा के खिलाफ ये आरोप लगाना शुरू कर
दिया ताकि दिल्ली आबकारी घोटाला से लोगों को ध्यान हटाया जा सके।





