कोरोना का कहर: इस खतरनाक वैरिएंट की चपेट में आ चुके हैं ज्यादातर देश, भारत की चिंता हुई दोगुनी
कोरोना वायरस पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से दुनियाभर के लिए गंभीर समस्या का कारण बना हुआ है। इस बीच हाल के अध्ययनों में सामने आए नए वैरिएंट्स को स्वास्थ्य विशेषज्ञ और भी खतरनाक और संक्रामक मान रहे हैं। कई वैरिएंट्स पर किए गए अध्ययनों में यह भी पता चला है कि यह शरीर में बनी एंटीबॉडीज को आसानी से चकमा देकर लोगों को दोबारा संक्रमित कर सकते हैं। नए वैरिएंट्स को भारत में दूसरी लहर का कारण बने डेल्टा वैरिएंट से भी ज्यादा संक्रामक और खतरनाक माना जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की टेक्निकल लीड मारिया वैन कर्खोव ने हाल ही में एक बयान में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट्स को लेकर चिंता जताते हुए इससे विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि समय के साथ डेल्टा वैरिएंट का संक्रमण दुनिया के तमाम देशों में बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं यह वैरिएंट भी अब पहले से कहीं ज्यादा संक्रामक हो चुका है। डब्ल्यूएचओ ने कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को दुनिया के लिए गंभीर चिंता का कारण मानते हुए इससे बचाव के उपायों को प्रयोग में लाते रहने की सलाह दी है। डेल्टा के अलावा कोरोना के कई अन्य वैरिएंट्स भी दुनिया के लिए बड़ी समस्या बन सकते हैं। आइए इस बारे में आगे की स्लाइडों में विस्तार से जानते हैं।
भारत के लिए स्थिति और हो सकती है चिंताजनक
एक ओर जहां दुनियाभर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट बड़ी मुसीबतों का कारण बना हुआ है, वहीं विशेषज्ञ भारत के लिए स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बता रहे हैं। असल में भारत में आई दूसरी लहर के पीछे कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को मुख्य कारण माना जा रहा है। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि देश में डेल्टा वैरिएंट का म्यूटेटेड रूप, 'डेल्टा प्लस' देखने को मिला है। डेल्टा प्लस को अपेक्षाकृत अधिक संक्रामक माना जा रहा है जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
तीसरी लहर का बन सकता है कारण
कई रिपोर्टस में दावा किया गया है कि कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट देश में तीसरी लहर का कारण बन सकता है। सबसे पहले महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वैरिएंट के कारण संक्रमण के मामले सामने आए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक डेल्टा वैरिएंट का यह म्यूटेटेड स्वरूप कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य जटिताएं पैदा कर सकता है। भारत के अलावा दुनिया के आठ देशों यूके, पुर्तगाल, स्विटजरलैंड, पोलैंड, जापान, नेपाल, चीन और रूस ने भी डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामलों की पुष्टि की है।
कोरोना के नए वैरिएंट्स अधिक संक्रामक
कोरोना के बदलते स्वरूपों को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने कई ऐसे नए वैरिएंट्स के बारे में बताया है जो मूल कोरोना वायरस की तुलना में कहीं अधिक संक्रामक हो सकते हैं। हाल ही में वैज्ञानिकों ने कोरोना के साउथ अफ्रीकन वैरिएंट सी.1.2 के बारे में अलर्ट किया है। इसी साल मई में सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में देखा गया यह वैरिएंट अब कई अन्य देशों में फैल चुका है। वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना का साउथ अफ्रीकन वैरिएंट शरीर में बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी से चकमा देकर संक्रमण फैलाने की क्षमता रखता है।
म्यू वैरिएंट को लेकर डब्ल्यूएचओ ने जताई चिंता
कोरोना के नए म्यू वैरिएंट को लेकर डब्ल्यूएचओ ने चिंता जाहिर करते हुए इसे बेहद संक्रामक बताया है। स्वास्थ्य संगठन ने इसे 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' के रूप में वर्गीकृत किया है। म्यू को लेकर किए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि यह वैरिएंट भी प्रतिरक्षा प्रणाली को मात देकर लोगों को संक्रमित कर सकता है। इससे होने वाला संक्रमण मूल वायरस की तुलना में ज्यादा गंभीर हो सकता है।





