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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:52 · नई दिल्ली संस्करण

ऑनलाइन खाद्यान वितरण योजना का कांग्रेस ने किया विरोध

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

कोटद्वार। कांग्रेस ने सरकार के खाद्य वितरण प्रणाली को ऑनलाइन खाद्यान वितरण के निर्णय विरोध करते हुए सरकार से खाद्यान वितरण की पुरानी प्रणाली को लागू करने की मांग की है। गुरुवार को पूर्व राज्यमंत्री जसवीर राणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन प्रेषित किया है।

ज्ञापन में बताया गया है कि उत्तराखंड सरकार ने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में उपभोक्ताओं को खाद्यान वितरण ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में ही नही अपितु मैदानी क्षेत्रों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इन्टरनेट की उपलब्धता न होने के कारण कई उपभोक्ता खाद्यान प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं।

ज्ञापन में बताया गया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में तो कई राशन डीलरों के पास ऑनलाइन सुविधा नहीं है तथा कई राशन डीलरों को लैपटॉप संचालन की जानकारी नहीं है, जिस कारण राशन वितरण नहीं हो पा रहा है। इससे प्रतीत होता है कि राज्य सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रति गम्भीर नहीं है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

कांग्रेसजनों ने जनहित में राज्यपाल से मांग की है कि उत्तराखंड सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से ऑनलाइन राशन वितरण की व्यवस्था समाप्त कर पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व राज्यमंत्री जसवीर राणा के साथ पूर्व प्रधान बृजेंद्र नेगी, आशुतोष कण्डवाल, सुनील खत्री, विक्रम रावत, अतुल नेगी, कुलदिप रावत, सत्यपाल पटवाल सहित कई कांग्रेसजन शामिल थे।

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