मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:05 · नई दिल्ली संस्करण

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने दिया लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने दिया लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद बी. मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह के संविधान दिवस के दौरान बाबा साहेब आंबेडकर के बारे में दिए गए बयान पर सदन में चर्चा कराने की मांग की है। उन्होंने नोटिस में कहा कि 17 दिसंबर को संविधान दिवस के दौरान संसद में गृहमंत्री ने अपने संबोधन में डॉ. बी.आर. का अपमान करने वाली टिप्पणी की। आंबेडकर हमारे संविधान के प्रमुख वास्तुकार हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। ऐसी टिप्पणी न केवल डॉ. आंबेडकर की विरासत को कमजोर करती है, बल्कि न्याय, समानता और सामाजिक सद्भाव के आदर्शों को भी धूमिल करती है।टैगोर ने कहा कि वरिष्ठ मंत्री की इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी बेहद अनुचित है। गृहमंत्री की टिप्पणी संविधान में निहित मूल्यों का सीधा अपमान है। कैबिनेट के किसी भी सदस्य के लिए समानता, न्याय और सामाजिक सशक्तिकरण के सिद्धांतों को कमतर करना अस्वीकार्य है। उन्होंने मांग की है कि गृहमंत्री को तुरंत सदन में इस टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही टिप्पणी की गंभीरता को देखते हुए गृहमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।कांग्रेस सांसद टैगोर ने कहा कि यह मुद्दा महत्वपूर्ण है। यह हमारे लोकतंत्र, संविधान के प्रति सम्मान और डॉ. आंबेडकर की विरासत से जुड़ा है। आंबेडकर का दृष्टिकोण न्याय और समानता की खोज में देश का मार्गदर्शन करता रहता है। उन्होंने नोटिस में लोकसभा अध्यक्ष से स्थगन प्रस्ताव पर तत्काल चर्चा की अनुमति देने का आग्रह किया है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें