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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:18 · नई दिल्ली संस्करण

चुनाव आयोग से मुलाकात से पहले कांग्रेस की शर्त- वीडियो फुटेज और डिजिटल मतदाता सूची की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी दो मांगों को फिर दोहराया है। इसमें डिजिटल मतदाता सूची और चुनाव की वीडियो फुटेज शामिल है। साथ ही कहा है कि दोनों मांगों के पूरा होने के बाद पार्टी आयोग से मिलने को भी राजी है और इसमें पार्टी अपना विशलेषण भी आयोग के समक्ष रखेगी।कांग्रेस की ओर से बनाए गए विशेष समूह (ईगल-नेताओं और विशेषज्ञों का सशक्त कार्य समूह) ने आयोग को पत्र लिख कर कहा है कि उसे महाराष्ट्र के लोकसभा और विधानसभा चुनावों की अंतिम मतदाता सूची की मशीन रिडेबल डिजिटल कॉपी और महाराष्ट्र तथा हरियाणा के मतदान दिवस की वीडियो फुटेज चाहिए।पत्र में कहा गया है कि पार्टी की यह लम्बे समय से चली आ रही मांग है और चुनाव आयोग इसे आसानी से पूरा कर सकता है। पार्टी का कहना है कि इसे प्राप्त करने के बाद पार्टी नेतृत्व चुनाव आयोग से मिलने को तैयार है।उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग लगातार कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर मिलने के लिए आमंत्रित कर रहा है। इस संबंध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र भी लिखा गया है।वहीं, कांग्रेस की मांगों पर आयोग का कहना है कि नियमों के तहत मतदाता सूची अपडेट होती है और इसे सभी राजनीतिक दलों को आपत्तियां देने के लिए समय से उपलब्ध भी कराई जाती हैं। इसके अलावा वीडियो फुटेज मुहैया कराना मतदाताओं के मताधिकार की गोपनीयता की दृष्टि से सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होगा।पार्टी ने पत्र में कहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान जितने मतदाता महाराष्ट्र में जुड़े हैं उससे अधिक मतदाता केवल 2024 मई में हुए लोकसभा चुनाव और नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव के बीच जुड़े हैं। पार्टी का कहना है कि मतदाताओं की संख्या में इतने बड़े स्तर पर इजाफा शंका पैदा करता है।

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