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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:12 · नई दिल्ली संस्करण

गिरिडीह की दो सीटों पर कांग्रेस का दावा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

गिरिडीह। झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर अब तक महागठबंधन में शामिल दलों के बीच सीट शेयरिंग फार्मूला तय नहीं हुआ है, लेकिन सीटों पर दावों का दौर शुरू हो गया है।लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा के चार सौ पार नारे को 240 सीटों पर समेटने में कामयाब हुई 99 सीटों वाली कांग्रेस पार्टी के नेता - कार्यकर्ता झारखंड विधानसभा चुनावों को लेकर बेहद उत्साहित और आत्म विश्वास से भरे हैं। साथ ही प्रदेश कांग्रेस प्रमुख के राज्य की सभी 81 विस सीटों पर चुनावी तैयारी किये जाने के बयान के बाद से जिला स्तर पर कांग्रेसजनों के बड़े हुए मनोबल का अनुमान सहज ही इससे लगाया जा सकता है कि संयुक्त बिहार के दो दो मुख्यमंत्री रहे स्व बिन्देश्वरी दूबे और केबी सहाय की सियासी कर्मस्थली गिरिडीह जिले की सभी छह विस सीटों पर टिकट के दावेदारों की लम्बी फ़ेहरिस्त है । हालांकि पिछले ढाई दशक के अंतराल में हुए चुनावो में कांग्रेस का खाता नहीं खुला है।1990 में पूर्व विधायक ज्योतिन्द प्रसाद ने गिरिडीह सदर सीट पर जीत हासिल की थी । उसके पश्चात अबतक के हुए चुनावो में कांग्रेस अपना खाता नहीं खोल पायी । परन्तु बदली हुई परिस्थितियों में इंडि गठबंधन के वैनर तले कांग्रेस जनों को धनवार और जमुआ सीट पर काफी उम्मीद है। जिले की कुल छह में से चार सीटों की बात की जाय तो गिरिडीह , गाण्डेय , और डुमरी मे झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के सिटिंग विधायक है। एक अन्य सीट बगोदर पर इंडी गठबंधन में शामिल भाकपा - माले का कब्जा है।शेष दो सीटे धनवार और जमुआ पर ही कांग्रेस का स्कोप नजर आ रहा है। आजादी के बाद से उक्त दोनों विस सीट कांग्रेस की परम्परागत सीट मानी जाती रही है। दोनों सीटों पर कांग्रेस के दिग्गज नेता स्व पुनीत राय धनवार से और स्व तानेश्वर आजाद जमुआ से जीतते रहे है। कांग्रेस उक्त दोनों सीटों पर अपनी पुरानी प्रतिष्ठा वापस हासिल करने की जुगत में है।2019 के चुनाव में गठबंधन के खाते में दो सीटे क्रमशः बगोदर और जमुआ गई थी। इनमें से जमुआ में कांग्रेस प्रत्याशी डा० मंजू को सम्मान जनक 41 हजार वोट प्राप्त हुए थे और बगोदर में कांग्रेस अपनी जमानत नही बचा पायी थी । विस चुनाव को लेकर आत्म विश्वास से भरे जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सतीश केडिया का कहना है कि कांग्रेस गठबंधन दो सीट धनवार और जमुआ पर दावा कर सकती है। उन्हाेंने कहा कि 2019 के चुनाव में धनवार विस सीट पर जेएमएम प्रत्याशी छठे स्थान पर रहे थे। गठबंधन के तहत कांग्रेस को यह सीट मिलती है तो निश्चित रूप में कांग्रेस जीतेगी । उन्होंने कहा कि पार्टी के तमाम कार्यकर्ता मजबूती के साथ जिले की सभी छह सीटो पर गठबंधन प्रत्याशियो और पार्टी प्रत्याशी के लिए मेहनत करेंगे।

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