मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:48 · नई दिल्ली संस्करण

48 घंटे बाद भी नहीं सुधरे फरक्का रेलखंड के हालात, नरम मिट्टी बनी बड़ी चुनौती

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
48 घंटे बाद भी नहीं सुधरे फरक्का रेलखंड के हालात, नरम मिट्टी बनी बड़ी चुनौती

कोलकाता,। पश्चिम बंगाल के फरक्का में रेल लाइन धंसने के बाद उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच रेल संपर्क अब तक सामान्य नहीं हो पाया है। हादसे को 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन शनिवार सुबह तक क्षतिग्रस्त रेलखंड की मरम्मत पूरी नहीं हो सकी। रेल सूत्रों के मुताबिक, मिट्टी के नरम होने के कारण मरम्मत कार्य में लगातार दिक्कत आ रही है।

पूर्व रेलवे ने शुक्रवार रात तक युद्धस्तर पर मरम्मत पूरी करने और शनिवार सुबह से फरक्का के अप लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बहाल करने का दावा किया था। हालांकि, निर्धारित समय तक काम पूरा नहीं होने से रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है और सेवा बहाल होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

रेल सेवा बाधित होने का सीधा असर लंबी दूरी की ट्रेनों पर पड़ा है। शुक्रवार को कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया। कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा रहा है।

शनिवार को रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में नाहरलागुन-संतरागाछी विशेष, गुवाहाटी-हावड़ा सरायघाट एक्सप्रेस, बामनहाटी-शियालदह उत्तरबंग एक्सप्रेस, अलीपुरद्वार-सियालदह कंचनकन्या एक्सप्रेस, हल्दीबाड़ी-सियालदह दार्जिलिंग मेल, बालुरघाट-सियालदह एक्सप्रेस, न्यू अलीपुरद्वार-सियालदह पदातिक एक्सप्रेस, राधिकापुर-कोलकाता एक्सप्रेस, कटिहार-हावड़ा एक्सप्रेस, जोगबनी-कोलकाता एक्सप्रेस, राधिकापुर-हावड़ा कुलिक एक्सप्रेस, बालुरघाट-कोलकाता तेभागा एक्सप्रेस, न्यू अलीपुरद्वार-सियालदह तीस्ता-तोर्सा एक्सप्रेस, मालदह टाउन-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस और सहरसा-सियालदह हाटेबाजारे एक्सप्रेस शामिल हैं।

रेल सेवा ठप होने के कारण उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच आवागमन के लिए यात्रियों की निर्भरता अब सड़क मार्ग पर बढ़ गई है। बसों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने के साथ किराये में भी बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आ रही हैं।

यात्रियों की परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने कोलकाता-सिलिगुड़ी मार्ग पर अतिरिक्त बसें चलाने का फैसला किया है। शुक्रवार को इस मार्ग पर 23 अतिरिक्त बसें उतारी गईं। इनमें सिलिगुड़ी से कोलकाता के लिए 18 बसें चल रही हैं। इसके अलावा दुर्गापुर-बालुरघाट मार्ग पर दो अतिरिक्त बसें और मालदह-कोलकाता मार्ग पर पांच विशेष बसें चलाई जा रही हैं।

शाम के समय उत्तर बंगाल जाने वाले यात्रियों के लिए कोलकाता के एस्प्लेनेड बस टर्मिनस से सिलिगुड़ी के एनजेपी बस टर्मिनस तक भी विशेष बस सेवा शुरू की गई है। यह सेवा शाम 5:30 बजे से हर घंटे रात 9:30 बजे तक उपलब्ध रहेगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि फरक्का में रेल सेवा पूरी तरह कब बहाल होगी। जब तक अप लाइन पर परिचालन सामान्य नहीं होता, तब तक उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच रेल यात्रियों की मुश्किलें बनी रहने की आशंका है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें