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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:55 · नई दिल्ली संस्करण

देवरिया : सड़क निर्माण टेंडर प्रकिया में घालमेल, चीफ इंजीनियर से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
देवरिया : सड़क निर्माण टेंडर प्रकिया में घालमेल, चीफ इंजीनियर से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग

देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में शनिवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़क टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। विभागीय अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने अनुभव प्रमाण पत्र को अयोग्य घोषित कर कुछ खास ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की है। इस मामले में ठेकेदार मंजू देवी ने गोरखपुर के चीफ इंजीनियर से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।जानकारी के अनुसार, फरवरी 2026 में जिले में करीब 400 सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए टेंडर जारी किए गए थे। इन टेंडरों में बड़ी संख्या में ठेकेदारों ने भाग लिया। बाद में 100 से अधिक टेंडरों पर अन्य ठेकेदारों की ओर से प्रहरी ऐप पर आपत्तियां दर्ज कराई गईं।शिकायतकर्ता मंजू देवी का आरोप है कि टेंडर से जुड़े सभी दस्तावेज प्रहरी ऐप पर अपलोड किए जाते हैं और उच्चाधिकारी ऑनलाइन जांच के बाद उन्हें पात्र या अपात्र घोषित करते हैं। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी ऐप के निर्णय को नजरअंदाज कर मनमाने फैसले ले रहे हैं। उनका कहना है कि समान प्रकार की आपत्तियों के बावजूद अलग-अलग टेंडरों पर अलग निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे पक्षपात की आशंका बढ़ती है।उदाहरण के तौर पर, ग्रुप संख्या 167, 176, 183, 196 और 207 के टेंडरों को समान आपत्तियों के बावजूद खोलकर एक्सेप्ट कर लिया गया और बांड भी गठित कर दिया गया। वहीं, निर्माण खंड के ग्रुप 19, 23, 26, 104 और प्रांतीय खंड के ग्रुप 23 में समान परिस्थितियों के बावजूद पात्र टेंडरों को अपात्र घोषित करने की कोशिश की जा रही है।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब प्रहरी ऐप ने टेंडरों को पहले ही पात्र घोषित कर दिया था और 22 फरवरी 2026 को अतिरिक्त अनुभव प्रमाण पत्र स्वतः हटा दिया गया, जबकि टेंडर की अंतिम तिथि 20 फरवरी थी, तो बाद में उन्हें अपात्र घोषित करना सवाल खड़ा करता है।इस संबंध में चीफ इंजीनियर राकेश वर्मा ने बताया कि शिकायत मिली है और मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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