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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:15 · नई दिल्ली संस्करण

इतिहास के पन्नों में 23 जूनः बड़े मकसद के लिए डॉ. मुखर्जी ने दी प्राणों की आहुति

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन

स्थान-श्रीनगर,

साल-1953, तारीख- 23 जून, समय- तड़के 3:40 बजे। भारतीय जनसंघ के संस्थापक

और अध्यक्ष डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत।

पूरे देश में हलचल। निष्पक्ष जांच की मांग। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370

को सख्त विरोधी और देश के दूसरे राज्यों की तरह कश्मीर को देखे जाने के

पुरजोर हिमायती डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसी मकसद को हासिल करने की

कोशिश में प्राणों की आहुति दी।

जुलाई 1901 को कोलकाता के

संभ्रांत बंगाली परिवार में जन्मे मुखर्जी केवल 33 साल की उम्र में कोलकाता

यूनिवर्सिटी के कुलपति बन गए। वहां से वे कोलकाता विधानसभा पहुंचे और उनका

राजनैतिक करियर शुरू हुआ। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अपनी अंतरिम

सरकार में मंत्री पद दिया लेकिन थोड़े समय बाद ही मुखर्जी ने कश्मीर के

मुद्दे पर नेहरू पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए 6 अप्रैल 1950 को

मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। वे चाहते थे कि कश्मीर में प्रवेश के लिए

किसी इजाजत की जरूरत नहीं पड़े। उन्होंने साफ कहा- एक देश में दो निशान, दो

विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे।

इसी का विरोध करते हुए

डॉ. मुखर्जी कश्मीर जाकर लोगों तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे। 8 मई 1953

को वे दिल्ली से कश्मीर जाने के लिए निकल पड़े। 11 मई 1953 को कश्मीर में

प्रवेश करते दो सहयोगियों के साथ उन्हें शेख अब्दुल्ला की तत्कालीन सरकार

ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पहले श्रीनगर सेंट्रल जेल भेजा गया और बाद में

शहर के बाहर बने एक कॉटेज में ट्रांसफर किया गया।

एक महीने

से ज्यादा समय तक कैद रखे गए मुखर्जी की सेहत लगातार बिगड़ रही थी। 19 व

20 जून की रात उन्हें प्लूराइटिस होना पाया गया, जो उन्हें 1937 और 1944

में भी हो चुका था। डॉक्टर अली मोहम्मद ने उन्हें स्ट्रेप्टोमाइसिन का

इंजेक्शन दिया था। हालांकि मुखर्जी ने डॉ. अली को बताया था कि उनके फैमिली

डॉक्टर के मुताबिक ये दवा उनके शरीर को सूट नहीं करती थी, फिर भी अली ने

उन्हें भरोसा दिला कर ये इंजेक्शन दिया था।

22 जून को

मुखर्जी को सांस लेने में तकलीफ महूसस हुई। अस्पताल में शिफ्ट किए जाने पर

उन्हें हार्ट अटैक होना पाया गया। राज्य सरकार ने घोषणा की कि 23 जून की

अलसुबह 3:40 बजे दिल के दौरे से मुखर्जी का निधन हो गया।

अपने बेटे

के मृत्यु की खबर सुनने के बाद डॉ. मुखर्जी की मां योगमाया देवी ने कहा था-

'मेरे पुत्र की मृत्यु भारत माता के पुत्र की मृत्यु है।'

अन्य अहम घटनाएंः

1810- बाम्बे के डंकन डॉक का निर्माण कार्य पूरा।

1868- क्रिस्टोफर एल शोल्स को टाइपराइटर के लिए पेटेंट मिला।

1953- जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की कश्मीर में कैद के दौरान अस्पताल में मौत।

1960- जापान और अमेरिका के बीच सुरक्षा समझौता।

1980- प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के पुत्र संजय गाँधी विमान दुर्घटना में मौत।

1985- एयर इंडिया का एक यात्री विमान आयरलैंड तट के करीब हवा में दुर्घटनाग्रस्त। सभी 329 यात्रियों की मौत।

1994- संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने दक्षिण अफ्रीका की सदस्यता को मंजूर किया, उत्तरी कोरिया द्वारा परमाणु कार्यक्रम पर रोक की घोषणा।

1995-

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 50 वर्ष के इतिहास में 100वाँ प्रस्ताव

(साइप्रस में शांति सैनिकों की अवधि बढ़ाने के संबंध में) पारित किया।

1996- शेख हसीना वाजिद ने बंगलादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

2008-नेपाल सरकार ने संयुक्त राष्ट्र मिशन की अवधि बढ़ाने की मंजूरी दी।

2014- गुजरात का ‘रानी की वाव’और हिमाचल का 'ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क' विश्व धरोहर सूची में शामिल।

2016- ब्रिटेन के लोगों ने यूरोपीय संघ से अलग होने के पक्ष में वोट दिया।

2017- मोहम्मद बिन नायफ के बाद मोहम्मद बिन सलमान सउदी अरब के नए उत्तराधिकारी नियुक्त।

जन्म

1972- संजीव कुमार बालियान - भाजपा नेता व पूर्व सांसद।

1939- सैयद शाहिद हाकिम - पूर्व भारतीय फुटबॉलर।

1936- एन. भास्कर राव - भारतीय राजनीतिज्ञ, जिनका सम्बंध 'तेलुगु देशम पार्टी' से है।

1936- प्रदीप कुमार बनर्जी- भारत के सर्वश्रेष्ठ फ़ुटबॉल खिलाड़ियों में से एक हैं।

1934 - चण्डी प्रसाद भट्ट- गाँधीवादी विचारक और सामाजिक कार्यकर्ता।

वीरभद्र सिंह- हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री।

1901- राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी - भारत के अमर शहीद क्रांतिकारियों में से एक।

1912 - एलेन ट्यूरिंग- अंग्रेज़ गणितज्ञ और कम्प्यूटर वैज्ञानिक।

निधन

1761- बालाजी बाजीराव - महान मराठा पेशवा।

1914 - गंगाप्रसाद वर्मा - राजनेता तथा समाज सुधारक।

1939- गिजुभाई बधेका - गुजराती भाषा के लेखक और महान् शिक्षाशास्त्री।

1971- श्रीप्रकाश - भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी और पाकिस्तान में प्रथम उच्चायुक्त।

1980- संजय गाँधी- भारतीय नेता एवं इंदिरा गाँधी के छोटे पुत्र।

वी.वी. गिरी- भारत के चौथे राष्ट्रपति।

महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

अन्तरराष्ट्रीय विधवा दिवस

संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस

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