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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

पश्चिम बंगाल में कॉलेजों-विश्वविद्यालयों को 30 दिनों में ऑडिट रिपोर्ट देने का निर्देश

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पश्चिम बंगाल में कॉलेजों-विश्वविद्यालयों को 30 दिनों में ऑडिट रिपोर्ट देने का निर्देश

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों को अगले 30 दिनों के भीतर अपनी लेखा-परीक्षा (ऑडिट) रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।

जिन कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निर्वाचित छात्र संघ नहीं है, वहां के अधिकारियों को छात्रों से छात्र संघ शुल्क वसूलना तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया है।

शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि फिलहाल राज्य के किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान में निर्वाचित छात्र संघ नहीं है।

नियमों के अनुसार, जिस कॉलेज या विश्वविद्यालय में निर्वाचित छात्र संघ नहीं होता, वहां छात्रों से छात्र संघ शुल्क नहीं लिया जा सकता।

इसके बावजूद कई सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में लंबे समय से यह शुल्क वसूला जा रहा था। इसलिए सभी ऐसे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्वाचित छात्र संघ के गठन तक छात्रों से छात्र संघ शुल्क लेना तुरंत बंद करें।

अधिकारी ने कहा कि सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को अपनी ऑडिट रिपोर्ट में यह जानकारी भी देनी होगी कि निर्वाचित छात्र संघ न होने के दौरान छात्रों से छात्र संघ शुल्क के रूप में कितनी राशि वसूली गई। साथ ही यह भी बताना होगा कि उस राशि को किन-किन कार्यों पर खर्च किया गया।

सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि वे 30 दिनों के भीतर ऑडिट रिपोर्ट जमा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि ऑडिट रिपोर्ट जमा होने और उनकी जांच पूरी होने के बाद राज्य की शिक्षा व्यवस्था में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े नए मामले सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपों को लेकर राज्य की शिक्षा व्यवस्था विवादों में रही है।

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