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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:34 · नई दिल्ली संस्करण

विधायकों की समस्याओं के निस्तारण पर सीएम का बड़ा निर्देश

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
विधायकों की समस्याओं के निस्तारण पर सीएम का बड़ा निर्देश

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को विधानसभा में घोषणा की कि अब विधायकों की ओर से उठाए गये सवालों, शिकायतों और मांगों का समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया कि विधानसभा के मेंशन आवर में उठाए गए प्रत्येक मुद्दे पर संबंधित विधायक को सात दिनों के भीतर लिखित जवाब दिया जाए। पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) करेगा।

विधानसभा के विस्तारित बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मेंशन आवर में उठाए गए मामले अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रहेंगे। संबंधित विभाग को एक सप्ताह के भीतर यह बताना होगा कि सरकार का उस विषय पर क्या रुख है और कार्य कब तक पूरा किया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मांग को स्वीकार करना या लागू करना संभव नहीं है तो विभाग को उसके कारण भी लिखित रूप में बताने होंगे। साथ ही हर विभागीय जवाब की प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।

उन्होंने कहा कि वह स्वयं प्रत्येक मामले की प्रगति की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी विधायक की मांग या शिकायत पर सरकार का अंतिम निर्णय तीन महीने के भीतर संबंधित विधायक को बता दिया जाए। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने स्वागत किया। सदन में सदस्यों ने मेज थपथपाकर फैसले का समर्थन किया।

पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस विधायक फिरहाद हकीम ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि विधानसभा में पिछले 15 वर्षों या उससे पहले भी ऐसी व्यवस्था नहीं देखी गई थी। उन्होंने कहा कि इससे जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए जनहित के मुद्दों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था का उद्देश्य विभागों की जवाबदेही तय करना, प्रशासनिक देरी कम करना और विधानसभा के माध्यम से उठाए गए जनहित के मामलों के निस्तारण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना है।

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