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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 11:30 · नई दिल्ली संस्करण

सीएम योगी का बड़ा फैसला, थारू परिवारों को मिला जमीन का अधिकार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सीएम योगी का बड़ा फैसला, थारू परिवारों को मिला जमीन का अधिकार

लखीमपुर। लखीमपुर खीरी में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थारू जनजाति और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए परिवारों को भूमि का मालिकाना हक सौंपते हुए इसे “अधिकार से आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता” की ऐतिहासिक शुरुआत बताया।

उन्होंने कहा कि सरकार का असली सुख जनता के कल्याण में निहित है और आज का दिन दशकों के संघर्ष को सम्मान देने का दिन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय परंपरा में शासन का मूल मंत्र स्पष्ट है— “प्रजासुखे सुखं राज्ञः”, यानी शासक का सुख प्रजा के सुख में ही निहित होता है।

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की सफलता उसकी व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि जनता के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से तय होती है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में आयोजित यह कार्यक्रम केवल जमीन के पट्टे देने का आयोजन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई यात्रा का शुभारंभ है। आपको अधिकार के साथ आत्मसम्मान मिला है और आत्मसम्मान के साथ आत्मनिर्भरता की गारंटी भी जुड़ी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए परिवारों को उनकी पैतृक संपत्ति का लाभ नहीं मिल पाया था, लेकिन अब राज्य सरकार ने 2,350 परिवारों को 4,251 हेक्टेयर भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। सीएम योगी ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले प्रदेश में विकास कुछ क्षेत्रों तक सीमित था और गरीबों के अधिकारों की अनदेखी होती थी।

उन्होंने कहा, “आज 25 करोड़ प्रदेशवासी हमारा परिवार हैं और हर जनपद में समान रूप से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में माफिया, गुंडागर्दी, दंगे और कर्फ्यू आम बात थे, जिससे आम नागरिक की पहचान और सुरक्षा पर संकट खड़ा होता था।

आज डबल इंजन की सरकार आपके साथ खड़ी है, अब किसी की हिम्मत नहीं कि आपके अधिकारों और सम्मान को चुनौती दे सके।"

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि थारू जनजाति के लोगों पर दर्ज पुराने मुकदमों को वापस लिया जाएगा, जिन्हें उन्होंने “संघर्ष करने की सजा” बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार उनके संघर्ष को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने उद्यमी रोमी साहनी को चंदन चौकी क्षेत्र में बेकरी उद्योग स्थापित करने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे थारू समुदाय के स्वयं सहायता समूहों को रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी की पहचान उसकी उपजाऊ भूमि, किसानों की मेहनत और प्राकृतिक संपदा से जोड़ते हुए कहा कि यह जनपद कभी ‘लक्ष्मीपुर’ के नाम से जाना जाता था और सरकार इसे फिर से समृद्धि के रास्ते पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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