मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:56 · नई दिल्ली संस्करण

अस्पताल में चाचा पशुपति पारस से मिले चिराग पासवान, कहा—पिता समान हैं

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अस्पताल में चाचा पशुपति पारस से मिले चिराग पासवान, कहा—पिता समान हैं

पटना। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपने चाचा पशुपति कुमार पारस से मिलने अस्पताल पहुंचे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरएलजेपी प्रमुख पशुपति पारस को अचानक तबीयत बिगड़ने और सांस लेने में दिक्कत के बाद पटना के कंकड़बाग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

जैसे ही चिराग पासवान को अपने चाचा की तबीयत खराब होने की खबर मिली, वे तुरंत साईं अस्पताल पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने पैर छूकर आशीर्वाद लिया और फिर उन्हें गले लगाया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से पारस की सेहत को लेकर विस्तार से जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

अस्पताल में पशुपति पारस के समर्थकों की भीड़ भी देखने को मिली, जो उनकी सेहत के बारे में जानकारी लेने पहुंचे थे।

मीडिया से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि उनके चाचा उनके लिए पिता समान हैं। उन्होंने साफ कहा कि “राजनीति अपनी जगह है, लेकिन मैं यहां एक बेटे के तौर पर उनकी तबीयत जानने आया हूं।

दरअसल, राम विलास पासवान के निधन के बाद चिराग पासवान और पशुपति पारस के रिश्तों में खटास आ गई थी। साल 2021 में लोक जनशक्ति पार्टी दो हिस्सों में बंट गई थी, जिसमें एक गुट की कमान पारस ने संभाली जबकि चिराग पासवान ने अपनी अलग पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) बनाई।

हालांकि, हाल के घटनाक्रमों से दोनों के रिश्तों में नरमी के संकेत मिल रहे हैं जिससे भविष्य में सुलह की अटकलें भी तेज हो गई हैं।

अगर चुनावी प्रदर्शन की बात करें तो 2019 के लोकसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी ने बिहार में छह सीटें जीती थीं। वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी ने एनडीए के तहत 5 सीटें हासिल कीं, जिसके बाद वे केंद्रीय मंत्री बने। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 29 सीटों पर चुनाव लड़ा और 19 सीटों पर जीत दर्ज की।

फिलहाल डॉक्टरों ने पारस की सेहत को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी है लेकिन सूत्रों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें