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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:54 · नई दिल्ली संस्करण

चीन ने वुहान लैब में शोधकर्ताओं के बीमार पड़ने वाली रिपोर्ट का किया खंडन, कहा- अमेरिका रच रहा साजिश

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि वुहान की जिस लैब में कोरोना वायरस की शुरुआत बताई जाती है, वहां के तीन कर्मचारी को तब अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जब दुनिया को कोरोना के बारे में पता नहीं था। लेकिन अब चीन ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है।

कोरोना महामारी ने पिछले करीब डेढ़ साल से दुनिया भर में तबाही मचा रखी है। इस वायरस ने करोड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया और लाखों जिंदगियां निगल लीं। इस खतरनाक वायरस की शुरुआत को लेकर अभी भी विवाद है। दुनिया इस कोरोना वायरस के लिए चीन को जिम्मेदार मान रही है, जबकि चीन इससे पल्ला झाड़ता रहा है। इस बीच, एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि वुहान की जिस लैब में कोरोना वायरस की शुरुआत बताई जाती है, वहां के तीन कर्मचारी को तब अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जब दुनिया को कोरोना के बारे में पता नहीं था।

अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि दुनिया में कोरोना वायरस फैलने से पहले चीन में वुहान की लैब के शोधकर्ता संक्रमित हुए थे। इस रिपोर्ट के मुताबिक, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलोजी के तीन शोधकर्ता नवंबर, 2019 में बीमार हुए थे और उन्होंने अस्पताल में इलाज के लिए मदद भी मांगी थी। इन शोधकर्ताओं में कोरोना संक्रमण के लक्षण थे। बता दें कि नवंबर 2019 के बाद ही दिसंबर-जनवरी के बीच दुनिया को कोरोना वायरस महामारी के बारे में पता लगा था।

चीन ने किया इनकार

इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को चीन ने सिरे से खारिज कर दिया है। वुहान लैब के निदेशक युआन झिमिंग ने भी चीनी राज्य मीडिया को बताया कि रिपोर्ट सही नहीं थी। मैंने इसे पढ़ा है, यह एक पूर्णतया झूठ है। उन्होंने कहा कि वाल स्ट्रीट के सारे दावे निराधार हैं और लैब को इसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता इनके पास इस तरह की जानकारी कहां से आई। झिमिंग ने कहा कि यह चीन को बदनाम करने की अमेरिका की एक साजिश है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ समेत कई वैज्ञानिकों ने लैब की जांच की है उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है।

चीन ने मिटा दिए सबूत, डब्ल्यूएचओ के हाथ लगी निराशा

बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक टीम कोरोना वायरस के तथ्यों की जांच के लिए वुहान भी गई थी, लेकिन चीन ने कुछ क्षेत्रों में जांच नहीं करने दी या फिर सभी सबूत मिटा दिए। इस जांच में डब्ल्यूएचओ के हाथ कोई ठोस सबूत नहीं लग पाया, जिसके चलते यह पुष्टि नहीं हो पाई कि कोरोना वायरस वुहान की लैब से फैला है। वहीं अब वॉल स्ट्रीट जनरल की खुफिया रिपोर्ट में वुहान लैब से ही कोरोना वायरस के फैलने को लेकर खुलासा किया गया है, जिसके बाद एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वुहान से ही कोरोना वायरस की शुरुआत हुई?

आज से विश्व स्वास्थ्य सभा की बैठक

अमेरिकी अखबार ने यह खुलासा ऐसे वक्त किया है, जब दुनियाभर में जारी कोरोना के कहर के बीच जिनेवा में आज से वर्ल्ड हेल्थ असेंबली की अहम बैठक शुरू हो रही है। ये बैठक 1 जून तक चलेगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सबसे बड़ी निर्णायक संस्था की यह बैठक कोविड संकट खत्म करने के उपायों और भविष्य में ऐसी किसी महामारी के रोकथाम उपायों पर चर्चा करेगी। इस बैठक में दुनिया के विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल, यूएन पर्यवेक्षक, सहयोगी सदस्यों, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

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