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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:15 · नई दिल्ली संस्करण

चीन का नया अजूबा 17.5 मीटर व्यास वाली मशीन से चीन ने रचा इतिहास

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
चीन का नया अजूबा 17.5 मीटर व्यास वाली मशीन से चीन ने रचा इतिहास

चीन ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत के जिनान शहर में पीली नदी के नीचे बनाई गई दुनिया की सबसे बड़े व्यास वाली पानी के नीचे शील्ड सुरंग का निर्माण पूरा होने के बाद इसे चालू कर दिया गया है। इस सुरंग की खास बात है इसका डबल-डेकर डिजाइन। एक ही सुरंग के अंदर दो अलग-अलग स्तर बनाए गए हैं, जिन पर वाहन दौड़ सकेंगे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह विशाल अंडरवॉटर सुरंग करीब 5,755 मीटर लंबी है। इसका मुख्य शील्ड हिस्सा करीब 3,290 मीटर का है। सुरंग निर्माण के लिए 17.5 मीटर व्यास वाली अत्याधुनिक और विशाल टनल बोरिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। इसे पीली नदी के नीचे बनाई गई चीन की पहली सिंगल-बोर डबल-डेकर शील्ड सुरंग बताया जा रहा है। सुरंग में वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तय की गई है। इस परियोजना को पूरा करना इंजीनियरों के लिए चुनौतीपूर्ण था।

निर्माण के दौरान पीली नदी के तटबंध और नदी के नीचे मौजूद संवेदनशील भूभाग से होकर सुरंग तैयार करनी पड़ी। परियोजना टीम को कुल 28 प्रमुख तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इनमें खुदाई के दौरान सुरंग की स्थिरता बनाए रखना, नदी तटबंध के नीचे से गुजरते समय जमीन धंसने की आशंका को नियंत्रित करना और विशाल सुरंग संरचना को ऊपर उठने से रोकना शामिल था।

रिपोर्ट के मुताबिक खुदाई में निकलने वाले भारी मात्रा के कीचड़ और स्लरी का पर्यावरण के अनुकूल निपटारा भी बड़ी चुनौती थी। निर्माण में कई अहम रिकॉर्ड भी बने। परियोजना में एक दिन में अधिकतम 18 मीटर तक खुदाई की गई, जबकि एक महीने में 426 मीटर तक सुरंग निर्माण का आंकड़ा हासिल किया गया। इसे 17 मीटर श्रेणी की शील्ड टनलिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।

बता दें हाल के वर्षों में चीन ने सुरंग और भूमिगत निर्माण तकनीक के क्षेत्र में तेजी से अपनी क्षमता बढ़ाई है। आधुनिक टनल बोरिंग मशीनों और उन्नत इंजीनियरिंग तकनीक के इस्तेमाल से वहां बड़े और जटिल बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। पीली नदी जैसे विशाल और संवेदनशील क्षेत्र के नीचे दो मंजिला सुरंग का निर्माण चीन की तकनीकी क्षमता का नया उदाहरण है। यह परियोजना केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग और भूमिगत निर्माण तकनीक में चीन की बढ़ती ताकत को भी दर्शाती है।

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