बाल कलाकार रंगमच के क्षेत्र में अपने कौशल को निखारने के लिए लिए मिला सरकार ने दिया मौका
गाजियाबाद, । संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) के तत्वावधान में
‘सांस्कृतिक संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र’ द्वारा ‘राष्ट्रीय सांस्कृतिक
प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना’ आयोजित की गई। इसमें पूरे भारतवर्ष से कला
की विभिन्न विधाओं के 635 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ है। जिसमें गाजियाबाद
के बाल कलाकार मास्टर सृजन पाण्डेय का रंगमंच के क्षेत्र में अपने कौशल को
निखारने के लिए चयन हुआ है। मास्टर सृजन पाण्डेय उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश व
दिल्ली राज्यों के एकमात्र छात्र हैं जिन्हें रंगमंच के क्षेत्र में यह
छात्रवृत्ति प्रदान की है।
आपको बता दें कि सीसीआरटी छात्रवृत्ति
सांस्कृतिक संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र द्वारा प्रदान की जाती है। इसका
मुख्य उद्देश्य 10 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को संगीत, नाटक, नृत्य,
शिल्प, मूर्तिकला, चित्रकला और साहित्यिक कला जैसी विभिन्न ललित कलाओं में
असाधारण प्रतिभा के साथ वित्तीय सहायता प्रदान करना है। छात्रवृत्ति कला के
दुर्लभ रूपों पर भी विशेष जोर देती है जो विलुप्त हो रहे हैं।
सृजन
पाण्डेय वर्तमान में डीएलएफ पब्लिक स्कूल, साहिबाबाद, गाजियाबाद में नवीं
कक्षा का छात्र है। सृजन प्रख्यात लेखिका मीना पाण्डेय का सुपुत्र है।
इससे
पूर्व में भी यह कलाकार संस्कृति मंत्रालय-भारत सरकार व ‘वर्ल्ड फोरम फॉर
आर्ट एंड कल्चर’ द्वारा प्रतिवर्ष नृत्य, गीत, संगीत व नाटक की भारतीय
शास्त्रीय कला रूपों की राष्ट्रीय स्तर की ‘झंकृति-2023’ प्रतियोगिता में
12-21 आयु वर्ग में तृतीय स्थान, वियोजीयूई थिएटर ग्रुप के ‘दरयाफ्त-2020’
द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय चिल्ड्रेन वर्चुअल प्रतियोगिता’ में द्वितीय
स्थान सहित कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्राप्त कर चुका है।





