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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:28 · नई दिल्ली संस्करण

कोलकाता पुलिस ने 'कैश ऑन डिलीवरी' मोड का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने वाले 17 ठगों को किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कोलकाता पुलिस ने 'कैश ऑन डिलीवरी' मोड का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने वाले 17 ठगों को किया गिरफ्तार

कोलकाता। 'कैश ऑन डिलीवरी' मोड के जरिए किए गए साइबर धोखाधड़ी के मामले में कोलकाता पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ़्तार किया है। इस मोड का इस्तेमाल कई लोग ऑनलाइन सामान मंगवाने के लिए करते हैं।

एक मामले की जांच करते हुए कोलकाता पुलिस के साइबर पुलिस विभाग ने गरियाहाट में एक कॉल सेंटर की तलाशी लेने के बाद 17 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें नौ महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने 43 मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप और वायरलेस फोन जब्त किए।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि 'कैश ऑन डिलीवरी' के ज़रिए ऑर्डर किया गया सामान मिलने से पहले ऑनलाइन भुगतान करना उचित नहीं है। सामान मिलने के बाद ही उसकी कीमत का भुगतान किया जाना चाहिए।

ज़्यादातर लोग जो ऑनलाइन चीजें ऑर्डर करते हैं, वे सामान मिलने के बाद नकद भुगतान करते हैं।

कोलकाता पुलिस के अनुसार, इस बार जालसाजो ने 'कैश ऑन डिलीवरी' को ही धोखाधड़ी का एक ज़रिया बना लिया है। कई खरीदार जालसाजों के कहने पर सामान उनके दरवाजे तक पहुंचने से पहले ही गलत जगह पर पैसे भेज देते हैं। इसके बाद, उन्हें ऑर्डर किया गया सामान नहीं मिलता है।

पुलिस के अनुसार, जालसाज डिजिटल जानकारी चुराते हैं और देखते हैं कि कौन-कौन लोग अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 'कैश ऑन डिलीवरी' के ज़रिए चीजें ऑर्डर कर रहे हैं। जिस कंपनी या विक्रेता से सामान ऑर्डर किया गया है, उसके कर्मचारी खरीदार को सामान पहुंचाने से पहले ही जालसाज खरीदार को फोन कर देते हैं।

उसके बाद वे कई तरह के बहाने बनाकर खरीदार से कहते हैं कि वे नकद के बजाय क्यूआर कोड के ज़रिए पैसे का भुगतान करें।

पुलिस के अनुसार, जो भी खरीदार जालसाज़ों के जाल में फंस जाते हैं और सामान मिलने से पहले ही क्यूआर कोड या फोन नंबर पर पैसे भेज देते हैं, उनके साथ धोखाधड़ी हो जाती है। जालसाज खरीदार द्वारा ऑनलाइन खरीदा गया सामान उन्हें पहुंचाते ही नहीं हैं।

बाद में, जब असली ऑनलाइन कंपनी के कर्मचारी सामान पहुंचाने आते तो खरीदारों को एहसास होता है कि जिस व्यक्ति को उन्होंने पैसे भेजे थे, वह कोई 'डिलीवरी एजेंट' नहीं था। इस तरह से ऑनलाइन धोखाधड़ी का यह नया तरीका सामने आया है। इस साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी कई शिकायतों की जांच करते हुए पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया और 17 लोगों को गिरफ्तार किया।

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