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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 6:36 · नई दिल्ली संस्करण

केंद्र सरकार ने टीवी चैनलों के लिए नागरिकों की शिकायतों के निवारण का कानूनी तंत्र बनाया, जारी की गई अधिसूचना

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

केंद्र सरकार ने गुरुवार को केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994 में संशोधन करते हुए एक अधिसूचना जारी की है। इसमें टेलीविजन चैनलों द्वारा प्रसारित सामग्री से संबंधित नागरिकों की शिकायतों और शिकायतों के निवारण के लिए एक कानूनी तंत्र उपलब्ध कराया गया।

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने गुरुवार को केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 में संशोधन करते हुए एक अधिसूचना जारी की है। इसमें केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम, 1995 के प्रावधानों के अनुसार टेलीविजन चैनलों द्वारा प्रसारित सामग्री से संबंधित नागरिकों की शिकायतों और शिकायतों के निवारण के लिए एक कानूनी तंत्र उपलब्ध कराया गया।

वर्तमान में नियमों के तहत कार्यक्रम और विज्ञापनों के लिए संहिताओं के उल्लंघन से संबंधित नागरिकों की शिकायतों को दूर करने के लिए एक अंतर मंत्रालयी समिति के माध्यम से एक संस्थागत तंत्र है। इसी तरह विभिन्न प्रसारकों ने भी शिकायतों के समाधान के लिए अपने आंतरिक स्व नियामक तंत्र को विकसित किया है। इसके बाद भी शिकायतों के निवारण ढांचे को और सुदृढ़ करने के लिए एक वैधानिक तंत्र बनाने की आवश्यकता महसूस की गई। कुछ प्रसारकों ने अपने संघों और निकायों को कानूनी मान्यता देने का भी अनुरोध किया था।

सर्वोच्च न्यायालय ने एक मामले में दिए गए आदेश में केंद्र सरकार द्वारा स्थापित शिकायत निवारण के मौजूदा तंत्र पर संतोष व्यक्त करते हुए शिकायत निवारण तंत्र को औपचारिक रूप देने के लिए उचित नियम बनाने की सलाह दी थी। उपरोक्त पृष्ठभूमि में इस वैधानिक तंत्र को प्रदान करने के लिए केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमों में संशोधन किया गया है, जो पारदर्शी होगा और नागरिकों को लाभान्वित करेगा। वहीं, प्रसारकों के स्व-नियामक निकाय केंद्र सरकार के पास पंजीकृत होंगे।

वर्तमान में 900 से अधिक टेलीविजन चैनल हैं, जिन्हें सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा अनुमति दी गई है। सभी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमों के तहत निर्धारित कार्यक्रम और विज्ञापन कोड का पालन करना आवश्यक है। उपरोक्त अधिसूचना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रसारकों और उनके स्व-नियामक निकायों पर जवाबदेही और जिम्मेदारी रखते हुए शिकायतों के निवारण के लिए एक मजबूत संस्थागत प्रणाली का रास्ता आगे बढ़ाती है।

ट्राई ने की टीवी चैनल सेलेक्टर वेबसाइट की शुरुआत

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने बुधवार को टीवी चैनल सेलेक्टर वेबसाइट की शुरुआत की। यह सुविधा उन उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई है जो स्मार्ट फोन के अभाव में मोबाइल एप का उपयोग नहीं कर पा रहे थे।

स्मार्ट फोन के लिए टीवी चैनल सेलेक्टर एप पिछले साल 25 जून को लांच किया गया था। इसके जरिये उपभोक्ता अपना सब्सक्रिप्शन देख सकते हैं और उसमें बदलाव भी कर सकते हैं। इसकी शुरुआत दिसंबर 2018 में अधिसूचित एक नियम के तहत की गई थी। यह देखा जा रहा था कि उपभोक्ता अपने आपरेटरों की वेबसाइट और मोबाइल एप पर अपनी पसंद के टीवी चैनल चुनने में परेशानियों का सामना कर रहा था।

प्राधिकरण ने अधिसूचना में कहा, 'ट्राई ने अब टीवी सेलेक्टर वेबसाइट भी विकसित की है। इससे उन उपभोक्ताओं को सुविधा होगी जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है या जो वेबसाइट ब्राउजर का इस्तेमाल करना चाहते हैं। एप व वेबसाइट की खासियत है कि डीटीएच या केबल आपरेटर को भेजने से पहले सब्सक्रिप्शन में बदलाव किया जा सकता है। पोर्टल में एप की सभी विशेषताएं हैं और डाउनलोड की सुविधा भी दी गई है।'

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