मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:48 · नई दिल्ली संस्करण

सीबीआई ने घर से रंगे हाथ दबोचा, ₹1.75 लाख की रिश्वत लेते रेलवे अधिकारी गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सीबीआई ने घर से रंगे हाथ दबोचा, ₹1.75 लाख की रिश्वत लेते रेलवे अधिकारी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में ठेकेदार का बिल पास करने के लिए लाखों रुपए रिश्वत मांगने वाले रेलवे के बडे़ अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई टीम ने यह कार्यवाही उस समय की जब अफसर अपने आवास पर ठेकेदार से रिश्वत ले रहा था। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी रेल मंडल मुख्यालय (डीआरएम कार्यालय) में तैनात वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक (सीनियर डीएमएम) नितेश अग्रवाल को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की लखनऊ टीम ने 1.70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही डीआरएम कार्यालय सहित रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। बरेका स्थित आवास से यह गिरफ्तारी की गयी है।

सीबीआई की यह कार्रवाई रेलवे को फर्नीचर की आपूर्ति करने वाले एक ठेकेदार की शिकायत के आधार पर की गई। आरोप है कि अधिकारी ने ठेकेदार का बिल पास करने के एवज में 1.70 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

सीबीआई की टीम गुरुवार शाम लहरतारा स्थित डीआरएम कार्यालय पहुंची थी। कार्यालय बंद होने के बाद टीम ने अधिकारी के आवास पर जाल बिछाया और रिश्वत की रकम लेते समय उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने आरोपी के परिजनों से भी पूछताछ की। साथ ही उनका मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज तथा कुछ महत्वपूर्ण फाइलें अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक को अपने साथ लखनऊ ले गई, जहां देर रात तक उनसे पूछताछ की जाती रही। मामले में अभी तक सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों ने भी पूरे प्रकरण पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। सीबीआई अब बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें