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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:24 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली के शालीमार बाग में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर एक्शन, दूसरे दिन भी जारी रहा अभियान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली के शालीमार बाग में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर एक्शन, दूसरे दिन भी जारी रहा अभियान

नई दिल्ली। दिल्ली के शालीमार बाग में अतिक्रमण हटाने का अभियान दूसरे दिन भी जारी है। इस अभियान के तहत प्रशासन सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए लगभग 150 अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर रहा है।

शालीमार बाग इलाके से सोमवार सुबह सामने आई तस्वीरों में कई मशीनों को अतिक्रमण हटाते हुए देखा गया। कई दो-तीन मंजिला मकान टूटे हुए भी नजर आए। भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के बीच अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है। अधिकारी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस अभियान को जारी रखे हुए हैं।

प्रशासन ने रविवार से शालीमार बाग इलाके में ध्वस्तीकरण का यह अभियान शुरू किया था। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक नामित क्षेत्र में स्थित सभी अवैध निर्माणों को हटा नहीं दिया जाता और सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करा दी जाती।

मध्य-उत्तर जिले के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) एसएस परिहार के अनुसार, दिल्ली के नियोजित विकास के लिए वर्ष 1959 और 1961 में अधिसूचनाओं के माध्यम से संबंधित भूमि का अधिग्रहण शुरू किया गया था।

भूमि अधिग्रहण की घोषणा वर्ष 1966 में जारी की गई थी, और अवार्ड संख्या 40/1980-81 और 50/1980-81 वर्ष 1980 में घोषित किए गए थे। भूमि का कब्जा जुलाई 1980 में लिया गया था, और शेष मुआवजा राशि भी वर्ष 1981 में जमा कर दी गई थी। इस प्रकार, भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया चार दशक से भी अधिक समय पहले पूरी हो चुकी थी।

2025 में डीडीए, राजस्व विभाग, भूमि व भवन विभाग और लोक निर्माण विभाग की ओर से संयुक्त रूप से टोटल स्टेशन मेथड (टीएसएम) तकनीक का उपयोग करके भूमि का वैज्ञानिक सीमांकन किया गया था।

10 जनवरी को किए गए संयुक्त सर्वेक्षण में पाया गया कि निर्धारित 30 मीटर के राइट-ऑफ-वे के भीतर सैकड़ों अनधिकृत स्थायी (पक्के) निर्माण मौजूद हैं। इसमें से मौजूदा सड़क लगभग 19.5 मीटर के क्षेत्र में स्थित है, जबकि लगभग 10.5 मीटर का क्षेत्र अतिक्रमण के कारण अवरुद्ध है।

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