मायावती का फूटा गुस्सा! चंद्रशेखर को बताया बीजेपी की कठपुतली, कहा - दलित युवा बहकावे में न आएं

बसपा सुप्रीमो मायावती ने आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। सोमवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मायावती ने पहली बार खुलकर चंद्रशेखर का नाम लेकर आरोप लगाया कि उनका नगीना में कोई जनाधार नहीं है और 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने साजिश के तहत EVM में धांधली कराकर उन्हें जितवाया है। मायावती का यह बयान ऐसे समय में आया है जब 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट तेज है और चंद्रशेखर आजाद पूरे प्रदेश में दलित बेल्ट में जनसभाएं कर रहे हैं। हाल ही में वह पूर्वांचल के दौरे पर थे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बसपा का कोर दलित वोट बैंक धीरे-धीरे भीम आर्मी की तरफ शिफ्ट हो रहा है, जिसे रोकने के लिए मायावती ने अब सीधा अटैक शुरू किया है। मायावती ने कहा कि नगीना सुरक्षित सीट पर स्थानीय लोगों का मानना है कि चंद्रशेखर का कोई जनाधार नहीं था, फिर भी बीजेपी ने बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए उन्हें जितवा दिया। मायावती ने इशारों में चंद्रशेखर को बीजेपी की बी-टीम बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के इशारे पर ही चंद्रशेखर देशभर में जहां-जहां दलितों पर अत्याचार होता है, वहां पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करवाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति में चंद्रशेखर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन से बात करने के बजाय युवाओं को आगे कर देते हैं, जिससे उन पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हो जाते हैं। मायावती ने कहा, "फिर इनको जल्दी से केस खत्म होने तक सरकारी नौकरी भी नहीं मिल पाएगी और ये कोर्ट-कचहरी के चक्कर में पड़कर पिछड़ते चले जाएंगे।" इसी के साथ मायावती ने दलित समाज, खासकर युवाओं से अपील की कि वे "चंद्रशेखर के बहकावे में कतई भी न आएं।"
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य मुद्दा EVM था। मायावती ने कहा कि बैलेट पेपर से ही चुनाव होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बसपा ने शुरू से ही EVM का विरोध किया और सुप्रीम कोर्ट तक गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने EVM खत्म करने की जगह VVPAT लगाने का आदेश दिया, जिसका भी कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि VVPAT की सभी पर्चियों की गिनती नहीं होती। मायावती ने याद दिलाया कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब बीजेपी ने ही सबसे पहले EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाया था और कहा था कि यह हैक हो सकती है।
आज वही बीजेपी सत्ता में आकर EVM से ही चुनाव कराने पर अड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी भी मशीन को रिमोट से हैक किया जा सकता है, ऐसे में वोटर को भरोसा नहीं दिलाया जा सकता कि उसका वोट सही जगह गया है। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर फैली भ्रांति को भी दूर किया जाए।




