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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:43 · नई दिल्ली संस्करण

वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक जारी, सांस्कृतिक सहयोग के लिए मिलकर कार्य करेंगे

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक जारी, सांस्कृतिक सहयोग के लिए मिलकर कार्य करेंगे

वाराणसी : धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी में आयोजित ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (सीडब्ल्यूजी) की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। नदेसर स्थित एक तारांकित होटल में आयोजित बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक सहयोग के विभिन्न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में मिलकर कार्य करने तथा आपसी साझेदारी को और मजबूत बनाने पर बल दिया।

भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों—ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), इंडोनेशिया और भारत के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। रूस, इथियोपिया और मिस्र के प्रतिनिधि हाइब्रिड माध्यम से बैठक में शामिल हुए। भारत की ओर से संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।

बैठक में भारत द्वारा संस्कृति ट्रैक के अंतर्गत निर्धारित प्राथमिकताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, रचनात्मक उद्योगों के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता रेखांकित की।

इससे पहले, बैठक के प्रथम दिन रचनात्मक अर्थव्यवस्था को केंद्र में रखकर दो महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। “रचनात्मक अर्थव्यवस्था और जन-जन के बीच सहयोग : नवाचार, साझेदारी और आगे की राह” विषयक सत्र की अध्यक्षता संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने की।

चर्चा में समावेशी विकास, सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, बाजार तक पहुंच तथा डिजिटल नवाचार को प्रोत्साहित करने में रचनात्मक अर्थव्यवस्था की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया गया।

वहीं, “रचनात्मक अर्थव्यवस्था में कॉपीराइट और नैतिक एआई : सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देना” विषय पर आयोजित दूसरे पैनल सत्र की अध्यक्षता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने की। इस दौरान रचनात्मक क्षेत्रों में कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ते उपयोग से जुड़े कॉपीराइट संरक्षण, सांस्कृतिक श्रेय और नैतिक पहलुओं पर चर्चा हुई। साथ ही भविष्य में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के पहले दिन का समापन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित रंगारंग सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ। संगीतमय प्रस्तुतियों में देश के विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट संगीत परंपराओं के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता को प्रदर्शित किया गया।

इसके बाद “कलर्स ऑफ इंडिया” शीर्षक से आयोजित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति में देशभर के शास्त्रीय एवं लोक नृत्य रूपों की झलक देखने को मिली। इन प्रस्तुतियों ने विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की बहुरंगी सांस्कृतिक परंपराओं, कलात्मक वैभव और सांस्कृतिक विविधता से रूबरू कराया, जिसकी मेहमान प्रतिभागियों ने सराहना की।

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