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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:56 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली विधानसभा में भाजपा विधायकों ने किया आतिशी के खिलाफ प्रदर्शन, सिख गुरु का अपमान करने का आरोप लगाया

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
दिल्ली विधानसभा में भाजपा विधायकों ने किया आतिशी के खिलाफ प्रदर्शन, सिख गुरु का अपमान करने का आरोप लगाया

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में बुधवार को सत्तापक्ष के सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी के बयान को लेकर प्रदर्शन किया। भाजपा विधायकों ने आतिशी पर विधानसभा सत्र के दौरान सिख गुरु के खिलाफ कथित तौर पर 'असंवेदनशील शब्दों' का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान सदस्य सिख गुरुओं को सम्मान दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की 354वीं शहादत वर्षगांठ मनाने के लिए सदन में एक विशेष चर्चा हुई। वर्मा ने कहा, "एक तरफ उन्हें याद कर रहे थे और सम्मान दे रहे थे, लेकिन दूसरी तरफ आतिशी ने सार्थक रूप से भाग नहीं लिया और एक ऐसा बयान दिया, जिससे हमारी भावनाएं आहत हुईं।

हमें बहुत दुख है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने एक सिख गुरु का अपमान किया है। आज वह विधानसभा में भी मौजूद नहीं हैं। उन्होंने न तो माफी मांगी है और न ही सत्र में हिस्सा लिया है।"

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, "मंगलवार को विधानसभा में जो हुआ, उसके लिए मुझे बहुत खेद है। मुझे सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि आम आदमी पार्टी गुरु तेग बहादुर जी की महान शहादत पर उनको श्रद्धासुमन भेंट करे या नहीं, ये उनके भाव के ऊपर है।

लेकिन जब पूरी विधानसभा में सरकार, मुख्यमंत्री, मंत्रियों से लेकर सभी सत्ताधारी पार्टी के विधायकों तक, लोग गुरु तेग बहादुर जी के बारे में चर्चा कर रहे थे, उनकी धार्मिक यात्रा के बारे में जानकारी शेयर कर रहे थे, ऐसे में मंगलवार को विधानसभा में बहुत दुखदाई अल्फाज कहे गए।"

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ऐसी पवित्र चर्चा के दौरान अनजाने में भी किया गया अनादर एक गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले दिन प्रदूषण पर पूरे दिन की चर्चा पहले ही तय कर रखी थी, इसलिए श्रद्धांजलि सत्र के दौरान यह मुद्दा नहीं उठाया जाना चाहिए था।

दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने भी आतिशी के व्यवहार की आलोचना करते हुए इसे बेहद शर्मनाक बताया।

उन्होंने कहा, "विपक्ष की नेता आतिशी का काम बहुत शर्मनाक था और उन्होंने अभी तक माफी नहीं मांगी है। मेरा मानना ​​है कि उन्हें दिल्ली के लोगों, सिख समुदाय और इस विधानसभा से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।"

भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि यह मुद्दा गुरु साहिब और सदन की भावनाओं के प्रति विपक्षी नेता के असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दिखाता है।

उन्होंने कहा, "विपक्ष की नेता राजनीति में इतनी मशगूल थीं कि उन्होंने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने में संकोच नहीं किया जो गुरुओं के प्रति अनादर के बराबर थे। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।"

एक अन्य भाजपा विधायक, तरविंदर सिंह मारवाह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी पर चर्चा मंगलवार को ही शांतिपूर्ण ढंग से खत्म हो जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा, "मामला वहीं खत्म हो जाना चाहिए था। आतिशी ने तब टिप्पणी की कि सदन गैर-जरूरी मुद्दों पर चर्चा कर रहा है जबकि प्रदूषण पर ध्यान नहीं दे रहा है। हालांकि, स्पीकर पहले ही साफ कर चुके थे कि प्रदूषण पर चर्चा बुधवार को होगी।"

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