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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:55 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, ‘मुखिया गैंग’ का सरगना गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, ‘मुखिया गैंग’ का सरगना गिरफ्तार

नई दिल्ली। नई दिल्ली में क्राइम ब्रांच की एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात ‘मुखिया गैंग’ के सरगना राहुल उर्फ दहुर उर्फ राजू मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी को द्वारका के नांगली इलाके से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, राहुल मुखिया कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और दिल्ली व हरियाणा में दर्ज मामलों में उसे घोषित अपराधी भी घोषित किया जा चुका था।

पुलिस के अनुसार, राहुल मुखिया मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला है और उसकी उम्र करीब 38 वर्ष है। वह लंबे समय से पुलिस से बच रहा था और अदालत में पेश नहीं हो रहा था, जिसके कारण उसे 'घोषित' अपराधी घोषित किया गया था।

उसकी गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच लगातार प्रयास कर रही थी।

जांच में सामने आया है कि राहुल मुखिया ‘मुखिया गैंग’ का सरगना है, जो संगठित तरीके से घरों में चोरी और डकैती की वारदातों को अंजाम देता था। इस गैंग का काम करने का तरीका काफी शातिर था। गैंग पहले ऐसे संपन्न परिवारों की पहचान करता था, जिन्हें घरेलू नौकरों की जरूरत होती थी।

इसके बाद प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए अपने लोगों को नौकर या नौकरानी बनाकर उन घरों में काम पर लगवा दिया जाता था।

कुछ समय तक घर में काम करने के बाद ये लोग परिवार का भरोसा जीत लेते थे और घर की पूरी जानकारी जुटा लेते थे, जैसे कि घर में कौन कब आता-जाता है और कीमती सामान कहां रखा है। सही मौका मिलने पर ये अंदर मौजूद साथी बाकी गैंग के सदस्यों को सूचना देते थे और फिर मिलकर चोरी या डकैती को अंजाम दिया जाता था।

क्राइम ब्रांच की टीम को आरोपी के ठिकाने के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद इंस्पेक्टर भगवती प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने 30 मार्च को नांगली इलाके में जाल बिछाया और निगरानी के दौरान आरोपी को पकड़ लिया।

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी चार आपराधिक मामलों में शामिल है, जिनमें से तीन मामलों में उसे पहले ही घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था। इन मामलों में दिल्ली के राजौरी गार्डन और कालकाजी के साथ-साथ हरियाणा के गुरुग्राम का मामला भी शामिल है।

एक मामले में वर्ष 2016 में राजौरी गार्डन निवासी एक डॉक्टर के घर से लाखों रुपए की नकदी और गहनों की चोरी की गई थी।

वहीं, गुरुग्राम में एक महिला के घर में आरोपी ने नशीला पदार्थ देकर करीब एक करोड़ रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस के अनुसार, राहुल मुखिया ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है और उसने पांचवीं कक्षा तक ही शिक्षा प्राप्त की है।

पहले वह केयरटेकर के रूप में काम करता था, लेकिन बाद में आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से कई और मामलों का खुलासा हो सकता है और इलाके में सक्रिय संगठित अपराध पर भी अंकुश लगेगा।

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