बिहार सरकार कराएगी सभी सरकारी महकमों का साइबर ऑडिट: बढ़ते साइबर खतरों पर ईओयू की सतर्क पहल

बिहार सरकार कराएगी सभी सरकारी महकमों का साइबर ऑडिट: बढ़ते साइबर खतरों पर ईओयू की सतर्क पहल
पटना, 23 जुलाई —
बिहार सरकार अब राज्य के सभी सरकारी महकमों और संस्थानों की साइबर सुरक्षा जांच (ऑडिट) कराने जा रही है। इस ऐतिहासिक और अत्यंत आवश्यक कदम की जिम्मेदारी आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को सौंपी गई है, जिसे राज्य में साइबर सुरक्षा की नोडल एजेंसी घोषित किया गया है। सरकार का यह फैसला हाल के महीनों में सामने आई कई गंभीर साइबर हमलों के बाद लिया गया है, जिनमें सरकारी वेबसाइटें, स्वास्थ्य सेवाएं, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और अन्य लोक उपयोगी पोर्टल शामिल हैं।
साइबर ऑडिट की यह व्यापक प्रक्रिया राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थाओं जैसे कि सी-डैक (Centre for Development of Advanced Computing), आई4सी (Indian Cyber Crime Coordination Centre) और अन्य साइबर विशेषज्ञ एजेंसियों के सहयोग से की जाएगी। इसके तहत सभी सरकारी वेबसाइटों, ऑनलाइन सेवाओं और डाटा ट्रांजैक्शन की सुरक्षा की गहराई से जांच की जाएगी। जहां भी साइबर हाईजिन या प्रोटोकॉल की कमी पाई जाएगी, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इससे न केवल वर्तमान खतरे टलेंगे, बल्कि भविष्य में संभावित साइबर हमलों की आशंका को भी प्रभावी रूप से रोका जा सकेगा।
राज्य में हालिया घटनाओं ने साइबर सुरक्षा के प्रति गंभीर चिंता पैदा की है। एम्स, स्मार्ट सिटी, जल वितरण और डायल 112 जैसी आवश्यक सेवाओं पर साइबर अटैक की घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि साइबर अपराधी सरकारी नेटवर्क को भी निशाना बना रहे हैं। ऐसे में इस व्यापक साइबर ऑडिट की आवश्यकता न केवल तात्कालिक है, बल्कि यह दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा भी बननी चाहिए।
ईओयू के एडीजी नैयर हसनैन खान ने बताया कि सभी सरकारी प्रतिष्ठानों में साइबर ऑडिट की व्यवस्था की जा रही है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। साइबर क्राइम आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है, और इसके पीछे संगठित गिरोहों का भी हाथ सामने आया है। ऐसे में इन नेटवर्क की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्णय बिहार सरकार की साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीरता और भविष्य के डिजिटल संरचना को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकारी महकमे यदि डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे, तो आम जनता की सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी उतनी ही मजबूत होगी।





