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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:54 · नई दिल्ली संस्करण

रिया चक्रवर्ती की याचिका पर बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जवाब

राष्ट्रीय सागर डेस्क5 मिनट का पठन

नई

दिल्ली। अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती की याचिका पर बिहार

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है। बिहार सरकार ने कहा है कि

सुशांत के पिता ने शिकायत दी है कि उसके बैंक खाते से 15 करोड़ रुपये

निकाले गए हैं। सुशांत एक्टिंग छोड़कर कुर्ग में जैविक खेती करना चाहते थे

लेकिन रिया उनको मानसिक तौर पर परेशान कर रही थी। सुशांत को आत्महत्या के

लिए मजबूर किया।बिहार

सरकार ने कहा है कि संज्ञेय अपराध की जानकारी मिलने पर एफआईआर दर्ज करना

पुलिस की ज़िम्मेदारी है। जांच के लिए गई बिहार पुलिस को कोई सहयोग नहीं

मिला। आईपीएस विनय तिवारी को जबरन क्वारंटाइन कर दिया गया। बिहार पुलिस का

मानना है कि घटना के तार कई जगहों से जुड़े हैं। इसलिए सीबीआई जांच की

सिफारिश की गई। अब सीबीआई ने केस अपने हाथ में ले लिया है, ऐसे में रिया की

याचिका पर सुनवाई की ज़रूरत नहीं है। पटना में दर्ज एफआईआर कानूनन सही थी।

अपराध का सीधा असर सुशांत के पिता पर पड़ा, जो पटना में रहते हैं। जांच की

शुरुआत में ही रिया की तरफ से ट्रांसफर की मांग विचार योग्य नहीं।

बिहार सरकार ने रिया चक्रवर्ती की याचिका खारिज करने की मांग की है। कोर्ट ने पिछली 5 अगस्त को पुलिस

से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। जस्टिस ऋषिकेष राय की बेंच

ने मुंबई पुलिस को तीन दिन के अंदर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश

दिया।

कोर्ट

ने बिहार सरकार और सुशांत के पिता केके सिंह को नोटिस जारी कर रिया

चक्रवर्ती की याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान केंद्र

सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया था कि बिहार सरकार की

सीबीआई जांच की सिफारिश को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। मेहता ने कहा

था कि बिहार सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है। केंद्र ने इसे स्वीकार

करने का फैसला लिया है। लिहाजा रिया की ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई की

ज़रूरत नहीं है।

रिया

चक्रवर्ती की ओर से वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने कहा था कि बिहार में दर्ज

एफआईआर को ट्रांसफर किया जाए। रिया चक्रवर्ती के खिलाफ सभी कार्यवाही पर

रोक लगाई जाए और कोई निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाए। हमें अंदेशा है कि

हमें गिरफ्तार किया जा सकता है, क्योंकि बिहार की चार सदस्यीय पुलिस की टीम

मुंबई मदद मांगने आई थी। इस मामले में अब तक 56 लोगों के बयान दर्ज किए जा

चुके हैं।

सुशांत

के पिता की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा था कि कोई सुरक्षात्मक

आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे साक्ष्यों के नष्ट होने का

खतरा है। कोर्ट ने पूछा था कि बिहार सरकार के लिए कौन हैं। वरिष्ठ वकील

मुकुल रोहतगी ने कहा कि मैं। कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार ने सीबीआई को

जांच सौंपने का आदेश दिया है। विकास सिंह ने कहा कि इस मामले में साक्ष्य

मिटाए जा रहे हैं। जांच अधिकारी को क्वारंटाइन में भेज दिया गया, यह

अविश्वसनीय है।

कोर्ट

ने कहा था कि सॉलिसिटर जनरल ने बताया है कि बिहार सरकार ने क्या फैसला

किया है। यह मामला क्षेत्राधिकार का है। कोर्ट ने कहा था कि सुशांत एक

प्रतिभा संपन्न कलाकार थे और असामान्य परिस्थितियों में मौत हो गई। अगर

इसमें कोई अपराध हुआ है तो उसकी जांच करनी होगी। हम इसमें कानून के मुताबिक

काम करेंगे। कोर्ट ने कहा था कि मुंबई में अप्राकृतिक मौत की जांच चल रही

है। पटना की एफआईआ में दर्ज बातें जांच का हिस्सा हैं या नहीं, हम नहीं

जानते। एक आईपीएस अधिकारी जांच के लिए जाता है तो उसे रोक लिया जाता है।

ऐसी बातें अच्छा संकेत नहीं देतीं। महाराष्ट्र सरकार सुनिश्चित करे कि सब

प्रोफेशनल तरीके से हो।

महाराष्ट्र

सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील आर बसंत ने कहा था कि जिन लोगों ने शिकायत

नहीं की, वे कह रहे हैं कि मुंबई पुलिस ठीक से काम नहीं कर रही है। संघीय

ढांचे में दो पुलिस एक-दूसरे के काम में दखल नहीं दे सकती है। हम वो सभी

दस्तावेज दे सकते हैं जो ये बताते हैं कि मुंबई पुलिस ने प्रोफेशनल तरीके

से काम किया। मेहता ने कहा था कि एक पक्ष चाहता है कि मुंबई पुलिस जांच करे

और दूसरा पक्ष चाहता है कि बिहार पुलिस जांच करे। केंद्र चाहता है कि जांच

हो ताकि कोई साक्ष्य नष्ट नहीं हो। इस पर आर बसंत ने कहा कि मुंबई पुलिस

का इसमें कोई हित नहीं है। साक्ष्य भला क्यों नष्ट किया जाएगा।

विकास

सिंह ने कहा था कि अगर सीबीआई जांच नहीं करेगी तो बिहार पुलिस की जांच पर

रोक नहीं लगाई जा सकती है। अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 174 के मुताबिक

साफ है कि पटना पुलिस को ही जांच का अधिकार है न कि मुंबई पुलिस को। मुंबई

में कोई संज्ञेय अपराध का केस दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने कहा था कि

बॉलीवुड के करीब-करीब सभी लोगों को बुलाकर पूछताछ की गई है लेकिन जिस

व्यक्ति ने सुशांत का शव पंखे से उतारा उसे हैदराबाद जाने दिया गया।

रिया

चक्रवर्ती ने अपने खिलाफ फटना में दर्ज एफआईआर को मुंबई ट्रांसफर करने के

लिए याचिका दायर की है। रिया चक्रवर्ती ने याचिका में पटना में दर्ज एफआईआर

को मुंबई ट्रांसफर करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि मुंबई

में पहले से जांच चल रही है। एक ही घटना की दो जगह जांच नहीं हो सकती।

सुशांत सिंह के पिता ने पटना में एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में रिया

चक्रवर्ती को सुशांत के सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप है। रिया पर सुशांत

सिंह राजपूत के बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर होने का भी आरोप लगाया गया है।

सुशांत की खुदकुशी के बाद मुंबई में भी जांच चल रही है।

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