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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:56 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार: रोपवे हादसे के बाद राजद ने सरकार पर निशाना साधा, कहा- कमीशनखोरी की भेंट चढ़ी परियोजना

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार: रोपवे हादसे के बाद राजद ने सरकार पर निशाना साधा, कहा- कमीशनखोरी की भेंट चढ़ी परियोजना

पटना। बिहार के रोहतास में निर्माणाधीन 13 करोड़ रुपए की रोपवे ट्रायल के दौरान धराशाई होने की घटना को लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है। इस घटना में रोपवे के पिलर और ट्रॉली अचानक गिर गए।

इस घटना को लेकर राजद ने सरकार पर निशाना साधा।

राजद ने अपने आधिकारिक सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर शनिवार को लिखा, "भाजपा नीतीश सरकार की कमीशनखोरी की भेंट चढ़ा एक और परियोजना। रोहतास में नवनिर्मित रोपवे हुआ ध्वस्त। ट्रायल रन में ही करोड़ों स्वाहा। एक जनवरी को आम जनता के लिए यह रोपवे खोला जाने वाला था।

ईश्वर ने सरकार में बैठे भ्रष्ट भूखे भेड़ियों से सैकड़ों मासूम जनों को बचा लिया।"

बता दें कि रोहतास में निर्माणाधीन 13 करोड़ रुपए का एक रोपवे ट्रायल के दौरान धराशाई हो गया। इस घटना में रोपवे का पिलर और ट्रॉली अचानक गिर गए। यह रोपवे रोहतास प्रखंड मुख्यालय से ऐतिहासिक चौरासन मंदिर तक के दुर्गम रास्ते को सुगम बनाने के लिए बनाया जा रहा था। इसे नए साल में पर्यटकों के लिए खोलने की प्लानिंग थी।

शुक्रवार को ट्रायल के दौरान रोपवे का पिलर भार सहन नहीं कर सका और ट्रॉली समेत नीचे गिर गया। राहत की बात यह रही कि उस समय ट्रॉली में कोई व्यक्ति सवार नहीं था, जिससे किसी तरह की जनहानि टल गई।

उल्लेखनीय है कि यह रोपवे रोहतास प्रखंड मुख्यालय से ऐतिहासिक चौरासन मंदिर तक के दुर्गम रास्ते को सुगम बनाने के लिए बनाया जा रहा था। इसे नए साल में पर्यटकों के लिए खोलने की प्लानिंग थी।

चौरासन मंदिर एक प्राचीन शिव मंदिर है। श्रद्धालु 84 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर तक पहुंचते हैं।

ऐसा माना जाता है कि राजा हरिश्चंद्र ने यज्ञ करने के बाद इस मंदिर का निर्माण करवाया था। यह मंदिर रोहितेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर तक जाने वाली 84 सीढ़ियों के कारण इसका नाम "चौरासन" पड़ा है और इसे स्थानीय भाषा में 'चौरासन सिद्धि' कहा जाता है।

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