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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:50 · नई दिल्ली संस्करण

भरत तिवारी एनकाउंटर केस: एसटीएफ अधिकारी की गिरफ्तारी से जांच में नया मोड़

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भरत तिवारी एनकाउंटर केस: एसटीएफ अधिकारी की गिरफ्तारी से जांच में नया मोड़

पटना। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में भोजपुर पुलिस ने एक एसटीएफ अधिकारी को गिरफ्तार किया है। अधिकारी पर भरत तिवारी को गोली मारने का आरोप है। भरत की मां आशा देवी ने एसटीएफ अधिकारी पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया था।

शुक्रवार को जानकारी सामने आई कि आरोपी अधिकारी को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है। फिलहाल, इस अधिकारी के बारे में अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी की मां और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले में न्याय होगा।

परिवार ने एनकाउंटर में शामिल दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

हालांकि, बाद में एसडीपीओ राजेश शर्मा को पटना में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में डीएसपी के तौर पर नई पोस्टिंग दिए जाने पर परिवार के लोगों ने असंतोष व्यक्त किया।

इस मामले से जुड़े एक अन्य अधिकारी, जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश के बाद पद से हटाकर पटना मुख्यालय से अटैच कर दिया गया।

ज्ञात हो कि भोजपुर जिले के बिलौटी गांव के रहने वाले भरत तिवारी की 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी।

पुलिस के बयान के अनुसार, भरत के पास हथियार था और उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। इसमें भरत तिवारी की मौत हो गई।

भरत के परिवार ने पुलिस के बयान पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि उसने सरेंडर करने की कोशिश की थी, फिर भी पुलिस ने उसे गोली मार दी।

परिवार का आरोप है कि एनकाउंटर बनावटी था और भरत की जानबूझकर हत्या की गई थी। अभी भरत तिवारी की मौत के मामले में न्यायिक जांच भी चल रही है।

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