मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:55 · नई दिल्ली संस्करण

बंगाल नौकरी घोटाला: TMC विधायक के परिवार को ED का समन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बंगाल नौकरी घोटाला: TMC विधायक के परिवार को ED का समन

कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पिछली सरकार के दौरान हुए करोड़ों रुपए के नगरपालिका नौकरी घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए उत्तर 24 परगना जिले के कमरहाटी विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा की पत्नी और दो बेटों को समन भेजा है।

इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि ये नाम तब सामने आए, जब ईडी के जांच अधिकारी कमरहाटी नगर पालिका में भर्ती में हुई गड़बड़ियों से जुड़े कुछ दस्तावेजों की जांच कर रहे थे।

इन तीनों को अगले हफ्ते कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में साल्ट लेक स्थित सेंट्रल गवर्नमेंट ऑफिस (सीजीओ) कॉम्प्लेक्स में ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।

इस साल जून में ईडी अधिकारियों ने मित्रा के दो घरों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया था। एक दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में और दूसरा कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके कमरहाटी में। मित्रा कमरहाटी से तीन बार पार्टी के विधायक रहे हैं।

जून में राज्य की राजधानी और उसके आसपास सात अन्य जगहों पर भी एक साथ छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे।

अक्टूबर 2025 में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने इसी नगर पालिका भर्ती गड़बड़ी मामले में मित्रा के घर पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया था।

सीबीआई ने पिछले हफ्ते कोलकाता में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस और उनके बेटे समुद्र बोस के खिलाफ चार्जशीट दायर की।

यह चार्जशीट इस मामले में चल रही जांच के सिलसिले में दायर की गई थी।

चार्जशीट में आईएएस अधिकारी ज्योतिष्मान चट्टोपाध्याय और मंत्री व उनके बेटे से जुड़ी दो कॉर्पोरेट कंपनियों के नाम भी शामिल थे।

ईडी अधिकारियों को नगर पालिका नौकरी में गड़बड़ी के बारे में जानकारी तब मिली, जब वे अयान शील के घर पर छापेमारी और तलाशी अभियान चला रहे थे। शील एक बिचौलिया था जो पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान नगर पालिका नौकरी मामले और करोड़ों के 'कैश-फॉर-स्कूल जॉब' मामले, दोनों में शामिल था।

बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू की और शील को गिरफ्तार कर लिया। नगर पालिका और स्कूल नौकरी मामलों की समानांतर जांच कर रहे सीबीआई और ईडी के अधिकारियों ने शील की 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध संपत्ति का पता लगाया।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें