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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:35 · नई दिल्ली संस्करण

बंगाल चुनाव: केंद्रीय पर्यवेक्षकों के कामकाज की निगरानी के लिए बनाई जाएगी विशेष टीम

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बंगाल चुनाव: केंद्रीय पर्यवेक्षकों के कामकाज की निगरानी के लिए बनाई जाएगी विशेष टीम

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सामान्य पर्यवेक्षकों और पुलिस व व्यय पर्यवेक्षकों के दैनिक कामकाज की निगरानी के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

पश्चिम बंगाल में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल के नेतृत्व और सीधे नियंत्रण में एक विशेष निगरानी प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। सीईओ कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि यह प्रकोष्ठ न सिर्फ आयोग की ओर से नियुक्त इन पर्यवेक्षकों के कामकाज की निगरानी करेगा, बल्कि अपनी टिप्पणियों पर आधारित एक रिपोर्ट रोजाना नई दिल्ली स्थित ईसीआई मुख्यालय को भी भेजेगा।

सीईओ कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, ईसीआई ने पश्चिम बंगाल के लिए पहले ही कुल 294 सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं। इस तरह, चुनाव वाले चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में से पश्चिम बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां हर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

साथ ही, पश्चिम बंगाल चुनावों में 84 पुलिस पर्यवेक्षक भी शामिल होंगे, जो चुनाव वाले सभी स्थानों में सबसे ज्यादा हैं। इस बार, पश्चिम बंगाल चुनावों में 100 व्यय पर्यवेक्षक भी शामिल होंगे, जो चुनाव वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।

सूत्रों ने कहा कि चुनाव आयोग ने इस प्रणाली को पूरी तरह से त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए पर्यवेक्षकों के रोजमर्रा के कामकाज को निगरानी के दायरे में लाने का फैसला किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की ओर से इस महीने की शुरुआत में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसा-मुक्त बनाने के लिए की गई प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

सीईओ कार्यालय के सूत्र ने कहा, "सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों के कामकाज को रोजाना की जांच-पड़ताल वाली व्यवस्था के तहत लाकर आयोग इस प्रणाली में पारदर्शिता का संदेश भी देना चाहता है। साथ ही, वह उन आरोपों का भी जवाब देना चाहता है, जिनमें कहा गया था कि चुनाव आयोग अपनी निगरानी सिर्फ राज्य सरकार के नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों तक ही सीमित रख रहा है।"

इसी बीच, आयोग ने पश्चिम बंगाल के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सचिव अंतरा आचार्य और राज्य के खाद्य प्रसंस्करण सचिव परवेज अहमद सिद्दीकी को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है।

इससे पहले, पश्चिम बंगाल के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को तमिलनाडु के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया। हालांकि, अंतरा आचार्य और परवेज अहमद सिद्दीकी ने आयोग से अनुरोध किया है कि उन्हें चुनाव वाले अन्य राज्यों में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।

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