मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:54 · नई दिल्ली संस्करण

बंगाल चुनाव: ममता के प्रचार पर 24 घंटे की रोक, विरोध में धरने पर बैठेंगी मुख्यमंत्री

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुस्लिम मतदाताओं से भाजपा को वोट न देने की अपील की थी और महिलाओं से कहा था कि वह केंद्रीय सुरक्षा बलों का घेराव करें। चुनाव आयोग ने इस पर उनसे जवाब मांगा था। ममता के जवाब से असंतुष्ट आयोग ने सोमवार को यह कार्रवाई की। वहीं, ममता बनर्जी ने कहा है कि वह आयोग की इस अलोकतांत्रिक कार्रवाई के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगी।

भारतीय चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके चुनाव प्रचार पर 24 घंटे की रोक लगा दी है। आयोग ने यह कदम ममता बनर्जी के उस बयान के सामने आने के बाद उठाया है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर मुस्लिम मतदाताओं से भाजपा को वोट न देने की अपील की थी। उधर, तृणमूल कांग्रेस ने आयोग के इस फैसले पर कहा है कि आज का दिन हमारे लोकतंत्र के लिए 'काला दिवस' है।

वहीं, ममता बनर्जी ने कहा है कि वह चुनाव आयोग के इस अलोकतांत्रिक फैसले के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'भारतीय चुनाव आयोग के इस अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक फैसले के खिलाफ मैं कल (मंगलवार) कोलकाता में गांधी मूर्ति पर दोपहर 12 बजे से धरने पर बैठूंगी।'

ममता बनर्जी ने मुसलमान मतदाताओं से भाजपा को वोट न देने की अपील करने और महिलाओं से राज्य में चुनाव व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात सुरक्षाबलों का घेराव करने की अपील की थी। आयोग ने इसे लेकर उन्हें दो नोटिस जारी किए थे। इन नोटिस पर ममता के जवाब से नाखुश चुनाव आयोग ने यह कदम उठाया। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के आरोपों को भी पूरी तरह से तथ्यहीन करार दिया।

चुनाव आयोग ने कहा, आपके (ममता बनर्जी) हाथ से लिखे गए नोट में जो आरोप लगाए गए हैं उनकी रिपोर्ट का अध्ययन करने से खुद ही साफ हो जाता है कि आपके आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि ये आरोप बिना किसी पुख्ता सबूत के लगाए गए हैं और जो कहा गया है वैसा कुछ नहीं है।

निर्वाचन आयोग ने कहा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। उन्होंने ऐसी टिप्पणियां की हैं जिनसे कानून व्यवस्था के बिगड़ने का खतरा पैदा हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने इस तरह के बयान दिए हैं जिनसे चुनावी प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

इस संबंध में निर्वाचन आयोग की ओर से जारी एक आदेश में बनर्जी को ऐसे बयान देने से बचने की सलाह दी गई। इसमें कहा गया, ‘आयोग पूरे राज्य में कानून व्यवस्था की गंभीर समस्याएं पैदा कर सकने वाले ऐसे बयानों की निंदा करता है और ममता बनर्जी को सख्त चेतावनी देते हुए सलाह देता है कि आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के दौरान सार्वजनिक अभिव्यक्तियों के दौरान ऐसे बयानों का उपयोग करने से बचें।’

तृणमूल ने कहा : लोकतंत्र के लिए 'काला दिवस'

उधर,तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग की इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक करार दिया है। पार्टी ने कहा कि आज का दिन हमारे लोकतंत्र के लिए ‘काला दिवस’ है। आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अत्यधिक प्रभावित दिख रहा है। बता दें कि भारतीय निर्वाचन आयोग ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर 12 अप्रैल की रात आठ बजे से 13 अप्रैल की रात आठ बजे तक 24 घंटे की अवधि के लिए प्रतिबंध लगाया है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें