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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:58 · नई दिल्ली संस्करण

वैज्ञानिक विधि से प्याज की खेती करने से किसानों को होगा लाभ: डॉ. राम बटुक सिंह

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

कानपुर,। खरीफ में प्याज की वैज्ञानिक विधि से खेती करने से

किसानों को अधिक लाभ होता है। प्याज की नर्सरी जून अंतिम सप्ताह तक अथवा

देर की अवस्था में जुलाई के प्रथम सप्ताह तक डाल सकते हैं। चंद्रशेखर आजाद

कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के सब्जी अनुभाग कल्याणपुर के

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राम बटुक सिंह ने यह जानकारी सोमवार को दी।

उन्होंने

कहा कि किसान भाई प्याज की नर्सरी जून अंतिम सप्ताह तक अथवा देर की अवस्था

में जुलाई के प्रथम सप्ताह तक डाल सकते हैं। प्याज एक नकदी फसल है, जिसमें

विटामिन सी, फास्फोरस आदि पौष्टिक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

प्याज का उपयोग सलाद, सब्जी, अचार एवं मसाले के रूप में किया जाता है।

हमारे देश में रबी एवं खरीफ दोनों ऋतुओं में प्याज लगाया जाता है।

डॉ.

सिंह ने बताया कि प्याज शीतोष्ण जलवायु की फसल है। हल्के मौसम में इसकी

अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती है। प्याज के अच्छे विकास के लिए 13 से 24

डिग्री सेंटीग्रेड तापमान एवं 70 प्रतिशत आर्द्रता की आवश्यकता होती है।

प्याज के लिए दोमट एवं जलोढ़ मिट्टी जिसमें पर्याप्त कार्बनिक मात्रा एवं

उचित जल निकास की सुविधा हो उचित रहती है।

जाने प्याज की नर्सरी तैयार करने की विधि

उन्होंने

बताया कि प्याज की नर्सरी के लिए जून का महीना सर्वोत्तम होता है।एक

हेक्टेयर प्याज की नर्सरी के लिए 8 से 10 किलोग्राम बीज पर्याप्त होता है।

डॉ. सिंह ने खरीफ की बुवाई के लिए उन्नतशील प्रजातियों के बारे में बताया

कि एन-53,एग्रीफाउंड डार्क रेड, भीमा सुपर, भीमा रेड, भीमा राज, भीमा

शुभ्रा और अर्का कल्याण और अर्का निकेतन प्रमुख उन्नतशील प्रजातियां हैं।

उर्वरकों

के प्रबंधन के लिए उन्होंने बताया कि 250 कुंतल सड़ी हुई गोबर की खाद, 120

किलोग्राम डीएपी, 100 किलोग्राम यूरिया, 25 किलोग्राम जिंक सल्फेट तथा 50

किलोग्राम बेंटोनाइट सल्फर प्रति हेक्टेयर रोपाई के पूर्व खेत में मिला

दें।

किसानों को चाहिए कि यदि ब्याज की वनस्पति की वृद्धि

कम हो तो 19:19:19 पानी में घुलनशील उर्वरक 15, 30 एवं 45 दिनों बाद 200

लीटर पानी में घोलकर छिड़काव कर दें। प्याज की फसल रोपाई के 90 से 120 दिन

बाद परिपक्व हो जाती है।तब खुदाई कर ले। यदि किसान भाई वैज्ञानिक विधि से

प्याज की खेती करते हैं तो एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में औसतन 300 से 350

कुंतल प्याज की उपज प्राप्त होगी। जिससे किसान भाइयों को लाभ होगा।

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